11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को पूरे भारत और दुनिया भर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस बार “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” थीम के साथ दुनिया भर में योग दिवस मनाया जा रहा है। पीएम मोदी ने इस खास दिन पर विशाखापटनम में योग दिवस की अगुवाई की, आज उन्होंने तीन लाख लोगों को साथ योग किया। सफेद-ब्लू ट्रैक सूट के साथ पीएम मोदी ने बड़े ही शांत मन से योग किया। वहीं पूरे देश में आज साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा जगहों पर सामूहिक कार्यक्रमों के ज़रिये योग दिवस मनाया जा रहा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह उधमपुर में जवानों के साथ योग कार्यक्रम में शामिल हुए तो लोकसभा स्पीकर ओम बिरला संसद भवन परिसर में योगासन करते नजर आए।
PM Modi ने दी योग दिवस की शुभकामनाएं
विशाखापट्टनम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश और दुनिया के सभी लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं। आज 11वीं बार पूरा विश्व एक साथ 21 जून को योग कर रहा है। योग का सीधा अर्थ होता है जुड़ना। ये देखना सुखद है कि कैसे योग ने पूरे विश्व को जोड़ा है। पीएम मोदी ने कहा- पिछले एक दशक के योग की यात्रा को देखता हूं तो बहुत कुछ याद आता है। संयुक्त राष्ट्र मे जब भारत ने प्रस्ताव रखा तब कम से कम समय में दुनिया के देश हमारे इस प्रस्ताव के साथ खड़े हुए। आज की दुनिया में ऐसा समर्थन सामान्य घटना नहीं। मानवता के लिए दुनिया का सामूहिक प्रयास था। पीएम मोदी ने कहा कि आज योग दुनिया भर में करोड़ों लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व होता है जब मैं देखता हूं कि हमारे दिव्यांग साथी योग शास्त्र पढ़ते है, वैज्ञानिक अंतरिक्ष में योग करते हैं।
योग से हमें शांति की दिशा मिलती है-PM Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा दुर्भाग्य से आज पूरी दुनिया किसी न किसी तनाव से गुजर रही है। कितने ही क्षेत्रों में अशांति और अस्थिरता बढ़ रही है। ऐसे में योग से हमें शांति की दिशा मिलती है। योग एक ऐसा पॉज बटन है, जिसकी मानवता को संतुलन की सांस लेने और फिर से नियंत्रण पाने की जरूरत है। आइए इस योग दिवस को मानवता के लिए ओम को खोजने के लिए योग की शुरुआत के रूप में चिह्नित करें, जहां आंतरिक शांति समग्र शांति का मार्ग बन जाती है। योग का सीधा-सादा अर्थ होता है-जुड़ना और ये देखना सुखद है कि कैसे योग ने पूरे विश्व को जोड़ा है। चाहे सिडनी ऑपेरा हाउस की सीढ़ियां हो, चाहे एवरेस्ट की चोटियां हो, या फिर समुद्र का विस्तार हो। हर जगह से एक ही संदेश आता है – योग सभी का है और सभी के लिए है। मैं से हम की यात्रा ही सेवा, समर्पण और सहअस्तित्व का आधार है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












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