“अगर आतंकी हमले हुए तो जवाब ज़रूर मिलेगा” — जयशंकर ने QUAD में पाकिस्तान को लताड़ा, अमेरिका में दिया सख्त संदेश
आतंकवाद के ज़हर से झुलसता भारत अब चुप नहीं बैठेगा। देश के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में अमेरिका में QUAD समिट के दौरान जो कहा, उसने साफ कर दिया कि भारत अब न केवल आतंक के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दबाव बनाने से पीछे नहीं हटेगा।
पहल्गाम में हुए हालिया आतंकी हमले पर बोलते हुए जयशंकर ने दो टूक कहा —
“अगर आतंकी हमले दोबारा हुए तो भारत जवाब देने का पूरा अधिकार रखता है।”
यह सिर्फ एक बयान नहीं था, यह भारत की नई नीति का एलान था — शांतिप्रिय लेकिन सशक्त।
🔥 पहलगाम आतंकी हमला: क्या हुआ था?
जम्मू-कश्मीर के पहल्गाम क्षेत्र में एक आतंकी हमला हुआ, जिसमें सेना के जवानों और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। यह हमला ऐसे समय पर हुआ जब घाटी में धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे थे।
लेकिन आतंक के इन सरगनाओं को ये शांति रास नहीं आई — और उन्होंने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया।
🧾 पाकिस्तान पर सीधा हमला
जयशंकर ने अपने बयान में किसी नाम का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन इशारा सीधा पाकिस्तान की ओर था। उन्होंने कहा:
“दुनिया को अब यह समझना चाहिए कि आतंकवाद किसी देश की पॉलिसी का हिस्सा नहीं हो सकता। भारत के पास आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है और हम उसका इस्तेमाल करेंगे।”
यह पहली बार नहीं है जब भारत ने वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को घेरा हो, लेकिन इस बार अमेरिका की जमीन से दिया गया बयान और भी मायने रखता है। यह वही धरती है जहां पाकिस्तान खुद को ‘आतंक के खिलाफ लड़ने वाला’ देश बताता रहा है।
🌐 QUAD की भूमिका और भारत की कूटनीति
QUAD यानी Quadrilateral Security Dialogue — भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का एक मंच है जो एशिया-पैसिफिक में शांति और स्थिरता के लिए काम करता है।
इस मंच का इस्तेमाल करते हुए भारत ने न केवल पाकिस्तान को लताड़ा बल्कि दुनिया को यह भी दिखा दिया कि भारत अब अपनी बात कहने से डरता नहीं है।
🇮🇳 “अब पुराना भारत नहीं”
पुलवामा, उरी, कारगिल जैसे हमलों के बाद भारत ने बहुत कुछ सीखा है। अब हर हमला एक्शन की भाषा में जवाब पाता है — और यह जयशंकर की नीति में भी झलकता है।
उनके शब्दों में आत्मविश्वास था, और साथ ही चेतावनी भी —
“भारत किसी पर हमला नहीं करता, लेकिन अगर कोई हमारी शांति को चुनौती देगा, तो वह अकेला नहीं रहेगा।”
🗣️ सोशल मीडिया पर जयशंकर की तारीफ
भारत में सोशल मीडिया पर लोगों ने जयशंकर के इस बयान का समर्थन किया और कहा कि:
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“ऐसा विदेश मंत्री देश को गर्व से भर देता है।”
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“अब दुनिया को समझ लेना चाहिए कि भारत किसी का मोहताज नहीं।”
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“जयशंकर जी ने पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जवाब दिया।”
🤝 अमेरिका की प्रतिक्रिया
जहां एक ओर जयशंकर का बयान आया, वहीं अमेरिका ने भी अप्रत्यक्ष रूप से भारत के स्टैंड का समर्थन किया।
व्हाइट हाउस की एक ब्रीफिंग में कहा गया कि “आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों को हम समझते हैं और सहयोग करेंगे।”
यह भारत की कूटनीति की जीत है — जिसमें न सिर्फ दुश्मन को चेताया गया बल्कि मित्रों से समर्थन भी लिया गया।
जयशंकर का यह बयान सिर्फ पाकिस्तान के लिए चेतावनी नहीं, बल्कि दुनिया को एक संदेश था —
भारत अब आतंकवाद पर चुप नहीं रहेगा।
हम शांति के पक्षधर हैं, लेकिन आत्मरक्षा के अधिकार को कभी नहीं छोड़ेंगे।
जो देश आतंक को अपनी रणनीति मानते हैं, उन्हें अब यह समझ लेना चाहिए कि भारत बदल चुका है — और अब जवाब भी उसी भाषा में देगा।












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