ऑपरेशन महादेव: 97 दिन बाद लिया गया बदला, सेना ने उतारे 3 पाकिस्तानी आतंकियों को मौत के घाट
“जो जख्म दिया था, उसका हिसाब अब चुकता कर दिया गया है।”
भारतीय सेना ने एक बार फिर दिखा दिया कि जब देश पर हमला होता है, तो जवाब सिर्फ शब्दों में नहीं, एक्शन में भी होता है।
करीब 97 दिन पहले, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बर्बर आतंकी हमला हुआ था। उस हमले में हमारे बहादुर जवान शहीद हुए थे। पूरा देश ग़ुस्से और ग़म में था, लेकिन तब ही एक बात साफ़ हो गई थी — भारत चुप नहीं बैठेगा। और अब, भारतीय सेना ने अपने एक सटीक और साहसिक अभियान — ऑपरेशन महादेव — के तहत उस हमले का हिसाब चुकता कर दिया है।
क्या था ऑपरेशन महादेव?
“ऑपरेशन महादेव” भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा नियोजित और गुप्त रणनीति के तहत चलाया गया एक विशेष मिशन था। इस मिशन का उद्देश्य था — पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों को ढूंढना और उन्हें ठिकाने लगाना। और सेना ने इस मिशन को बिना किसी अपने को खोए, पूरी सटीकता के साथ अंजाम दिया।
जैसे ही खुफिया इनपुट मिला कि तीन पाकिस्तानी आतंकी नियंत्रण रेखा के पास छिपे हुए हैं, सेना ने बिना समय गंवाए ऑपरेशन लॉन्च किया। कुछ ही घंटों की मुठभेड़ के बाद, तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया।


तीन महीने, 97 दिन… लेकिन एक भी दिन भूले नहीं
शहीदों का खून कभी बेकार नहीं जाता। यह ऑपरेशन सिर्फ एक जवाब नहीं था, यह एक संदेश था — भारत आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है।
97 दिन तक सुरक्षाबल रणनीति बनाते रहे, धरातल पर तैयारी होती रही और जब सही वक्त आया, तब एक झटके में कार्रवाई की गई।
कैसे हुआ हमला?
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ऑपरेशन दक्षिण कश्मीर के एक सुदूरवर्ती क्षेत्र में किया गया।
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सेना, CRPF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाला।
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खुफिया एजेंसियों ने आतंकियों की लोकेशन को ट्रेस किया।
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घेराबंदी के बाद मुठभेड़ शुरू हुई, जो करीब 6 घंटे चली।
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तीनों आतंकी मारे गए, जिनमें से दो की पहचान Lashkar-e-Taiba के सक्रिय सदस्य के रूप में हुई है।
आतंकियों के पास से क्या मिला?
सेना को मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और पाकिस्तानी बनावट वाले दस्तावेज मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि इनका समर्थन सीमा पार से किया जा रहा था।
एक बड़ी जीत, लेकिन संघर्ष अभी जारी है
ऑपरेशन महादेव एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। पाकिस्तान लगातार आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने की कोशिशों में लगा है।
भारतीय सेना हर मोर्चे पर सतर्क है, और किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है।
जनता का विश्वास और समर्थन
इस ऑपरेशन के बाद सोशल मीडिया पर #OperationMahadev ट्रेंड करने लगा। लोग सेना के साहस और बलिदान को सलाम कर रहे हैं। शहीदों को याद कर देशवासियों की आंखें नम हैं, लेकिन साथ ही सीना गर्व से चौड़ा भी है।
ऑपरेशन महादेव सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी — यह एक जवाब था, एक चेतावनी थी और एक संकल्प भी, कि भारत ना भूलेगा, ना माफ़ करेगा।
अब जब तीन आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचा दिया गया है, शहीदों की आत्मा को थोड़ी शांति ज़रूर मिली होगी।
“जो जख्म दिया था, उसका हिसाब अब चुकता कर दिया गया है।”
भारतीय सेना ने एक बार फिर दिखा दिया कि जब देश पर हमला होता है, तो जवाब सिर्फ शब्दों में नहीं, एक्शन में भी होता है।
करीब 97 दिन पहले, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बर्बर आतंकी हमला हुआ था। उस हमले में हमारे बहादुर जवान शहीद हुए थे। पूरा देश ग़ुस्से और ग़म में था, लेकिन तब ही एक बात साफ़ हो गई थी — भारत चुप नहीं बैठेगा। और अब, भारतीय सेना ने अपने एक सटीक और साहसिक अभियान — ऑपरेशन महादेव — के तहत उस हमले का हिसाब चुकता कर दिया है।
ऑपरेशन महादेव: 97 दिन बाद लिया गया बदला, सेना ने उतारे 3 पाकिस्तानी आतंकियों को मौत के घाट
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