ट्रंप की तारीफ करते हुए नेतन्याहू का बड़ा बयान ‘हमने चुकाई जंग की भारी कीमत, लेकिन अब दुश्मन…’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक भावनात्मक और सख्त बयान देकर फिर से सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने कहा कि “हमने इस जंग की भारी कीमत चुकाई है, लेकिन अब दुश्मन समझ चुका है कि इजरायल को हराना नामुमकिन है।” इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की और कहा कि ट्रंप ने हमेशा इजरायल का साथ दिया और कठिन समय में देश की सुरक्षा के लिए खड़े रहे।
यह बयान ऐसे समय आया है जब गाजा युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की नीतियों और फैसलों पर लगातार बहस चल रही है। नेतन्याहू के इस बयान को न केवल राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, बल्कि यह उनके अगले कदम की झलक भी देता है।
क्या हुआ?
इजरायल और हमास के बीच हालिया संघर्ष ने पूरे मध्य पूर्व को हिला दिया है। गाजा पट्टी में कई हफ्तों तक चली बमबारी, रॉकेट हमले और जमीनी ऑपरेशन में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है।
इजरायली सेना ने दावा किया कि उन्होंने हमास के दर्जनों ठिकाने तबाह किए और कई आतंकियों को मार गिराया। वहीं, हमास ने भी लगातार इजरायल पर रॉकेट बरसाए।
नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा, “हमने अपने जवानों को खोया है, हमने अपने नागरिकों को खोया है, लेकिन हमने अपनी ताकत नहीं खोई। इस युद्ध ने हमें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत किया है।”
कब और कहां दिया गया बयान?
यह बयान तेल अवीव में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आया। बैठक में उन्होंने सेना प्रमुखों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ युद्ध की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की।
नेतन्याहू ने कहा कि यह युद्ध इजरायल के अस्तित्व और उसके भविष्य की सुरक्षा के लिए लड़ा जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि “अब समय आ गया है कि हम अपने दुश्मनों को यह दिखा दें कि इजरायल झुकेगा नहीं।”
क्यों दिया गया बयान?
दरअसल, हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में कई देशों ने गाजा में बढ़ती हिंसा और मानवीय संकट पर चिंता जताई थी। कुछ देशों ने इजरायल से संयम बरतने की अपील की थी।
नेतन्याहू ने इन आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि “जो लोग हमसे संयम की बात करते हैं, उन्हें पहले यह समझना चाहिए कि हम अपने नागरिकों की जान बचाने के लिए लड़ रहे हैं। हम पर हमला हो और हम चुप रहें, यह संभव नहीं है।”
इसी दौरान उन्होंने ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि “ट्रंप ने इजरायल को हर बार वह समर्थन दिया जिसकी हमें जरूरत थी। उन्होंने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देकर इतिहास रच दिया। ऐसे नेता दुर्लभ होते हैं जो अपने शब्दों पर अडिग रहते हैं।”
ट्रंप की भूमिका और नेतन्याहू की प्रशंसा
नेतन्याहू और ट्रंप के बीच राजनीतिक रिश्ते किसी से छिपे नहीं हैं। ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका ने अब्राहम समझौते (Abraham Accords) को आगे बढ़ाया था, जिसके तहत कई अरब देशों ने इजरायल से औपचारिक संबंध स्थापित किए।
नेतन्याहू ने कहा, “ट्रंप ने न केवल हमें समर्थन दिया, बल्कि उन्होंने एक ऐसा रास्ता दिखाया जिससे मध्य पूर्व में स्थायी शांति संभव हो सकती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “अगर ट्रंप जैसे नेता दोबारा सत्ता में आते हैं, तो दुनिया को एक बार फिर संतुलन देखने को मिलेगा।”
जंग की भारी कीमत
नेतन्याहू ने स्वीकार किया कि इस जंग की कीमत बेहद भारी रही है।
उन्होंने कहा, “हमारे सैकड़ों सैनिक और नागरिक शहीद हुए हैं। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है। यह दर्द बहुत बड़ा है, लेकिन यही बलिदान हमें और मजबूत बनाता है।”
इजरायल के रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक हुए संघर्ष में 300 से ज्यादा सैनिक मारे गए हैं, जबकि गाजा में भी सैकड़ों नागरिकों की जान गई है।
नेतन्याहू ने कहा कि हर जान की कीमत है, लेकिन अगर यह देश की सुरक्षा के लिए है, तो यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
नेतन्याहू के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, “नेतन्याहू एक सच्चे देशभक्त हैं। उन्होंने इजरायल को हर चुनौती के बीच संभाला है। मैं हमेशा उनके साथ हूं।”
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र ने एक बार फिर दोनों पक्षों से युद्धविराम की अपील की और कहा कि “मध्य पूर्व में शांति तभी संभव है जब संवाद की प्रक्रिया शुरू हो।”
नेतन्याहू का बयान यह साफ संकेत देता है कि इजरायल पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने अपनी रणनीति को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय समर्थन बनाए रखने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
उनकी ट्रंप के प्रति प्रशंसा यह भी दिखाती है कि इजरायल की राजनीति में अमेरिका की भूमिका कितनी अहम है।
जंग की भारी कीमत चुकाने के बावजूद नेतन्याहू का आत्मविश्वास बता रहा है कि इजरायल अभी भी दृढ़ता से खड़ा है। यह संघर्ष केवल सीमाओं का नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और अस्तित्व का है।
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