प्रोजेक्ट विष्णु: भारत की सबसे घातक हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण, शहबाज और मुनीर की उड़ी नींद!
भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐसा इतिहास रच दिया है, जो दुश्मनों की नींद उड़ाने वाला है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) द्वारा विकसित की गई हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (ET-LDHCM) अब केवल एक तकनीकी परीक्षण नहीं रही — यह भारत के रणनीतिक आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रमाण बन चुकी है। इस मिसाइल की रफ्तार मैक 8 है, यानी यह ध्वनि की गति से आठ गुना तेज उड़ती है और 1,500 किलोमीटर दूर तक अपने लक्ष्य को ध्वस्त करने में सक्षम है।
🌐 क्या है प्रोजेक्ट विष्णु?
DRDO द्वारा गोपनीय तरीके से वर्षों तक विकसित किया गया प्रोजेक्ट विष्णु, भारत की लॉन्ग रेंज स्ट्राइक क्षमता को अभूतपूर्व ऊंचाई देता है। इसका उद्देश्य था — एक ऐसी मिसाइल प्रणाली तैयार करना जो न सिर्फ तेज हो, बल्कि दुश्मन की रडार और डिफेंस शील्ड को चकमा देकर गहराई में हमला कर सके।
⚙️ ET-LDHCM मिसाइल की खासियतें:
-
स्पीड: मैक 8 (ध्वनि की गति से 8 गुना तेज)
-
रेंज: 1,500 किलोमीटर तक मारक क्षमता
-
सटीकता: एडवांस्ड लेजर और सैटेलाइट गाइडेड सिस्टम
-
स्टील्थ टेक्नोलॉजी: रडार से बच निकलने की अद्भुत क्षमता
-
मल्टी-टारगेट लॉक: एक साथ कई लक्ष्यों पर वार कर सकती है
🇵🇰 पाकिस्तान में मचा हड़कंप
भारत के इस सफल परीक्षण की खबर जैसे ही सामने आई, पाकिस्तान में हलचल मच गई। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह मिसाइल पाकिस्तान के किसी भी बड़े सैन्य या प्रशासनिक ठिकाने को मिनटों में निशाना बना सकती है।
🛡️ चीन भी सतर्क
चीन, जो अक्सर अपनी तकनीकी श्रेष्ठता का दावा करता है, भारत की इस तकनीक से अचंभित है। भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह अब सिर्फ रक्षात्मक नहीं, रणनीतिक और तकनीकी आक्रामकता के लिए भी तैयार है।
🤝 रणनीतिक लाभ
-
भारत की सीमाओं की रक्षा अब और मजबूत होगी।
-
समूचे दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन भारत के पक्ष में झुकेगा।
-
भारत की निर्यात शक्ति भी बढ़ सकती है — हाइपरसोनिक तकनीक को मित्र देशों को बेचा जा सकता है।
-
पाकिस्तान और चीन जैसे देश अब सैन्य उकसावे से पहले कई बार सोचेंगे।
📢 सरकार और सेना की प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने इस परीक्षण को “राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में क्रांतिकारी कदम” बताया है। रक्षा मंत्री ने ट्वीट कर DRDO की पूरी टीम को बधाई दी है और इसे ‘मेक इन इंडिया’ की सबसे बड़ी सफलता करार दिया है।
💬 आम जनता का उत्साह
सोशल मीडिया पर #ProjectVishnu, #HypersonicIndia, और #DRDO ट्रेंड कर रहे हैं। देशभक्ति से भरे ट्वीट्स और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग इस उपलब्धि पर गर्व जता रहे हैं।
भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐसा इतिहास रच दिया है, जो दुश्मनों की नींद उड़ाने वाला है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) द्वारा विकसित की गई हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (ET-LDHCM) अब केवल एक तकनीकी परीक्षण नहीं रही — यह भारत के रणनीतिक आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रमाण बन चुकी है। इस मिसाइल की रफ्तार मैक 8 है, यानी यह ध्वनि की गति से आठ गुना तेज उड़ती है और 1,500 किलोमीटर दूर तक अपने लक्ष्य को ध्वस्त करने में सक्षम है।
‘प्रोजेक्ट विष्णु’ सिर्फ एक हथियार नहीं, भारत के आत्मबल, विज्ञान और संकल्प का प्रतीक है। यह मिसाइल भारत को उस स्थान पर ले जाती है, जहां अब वह सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं देगा — वह अब भविष्य तय करेगा। दुनिया को अब भारत की ताकत को गंभीरता से ले भारत के इस सफल परीक्षण की खबर जैसे ही सामने आई, पाकिस्तान में हलचल मच गई। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह मिसाइल पाकिस्तान के किसी भी बड़े सैन्य या प्रशासनिक ठिकाने को मिनटों में निशाना बना सकती है।
प्रोजेक्ट विष्णु: भारत की सबसे घातक हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण, शहबाज और मुनीर की उड़ी नींद!












Users Today : 9
Views Today : 9