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बिलावल भुट्टो का बड़ा कबूलनामा: पाकिस्तान कहां लड़ रहा है ‘जंग’? क्या सच छिपा रहे हैं पूर्व विदेश मंत्री?

बिलावल भुट्टो का बड़ा कबूलनामा

बिलावल भुट्टो का बड़ा कबूलनामा: पाकिस्तान कहां लड़ रहा है ‘जंग’? क्या सच छिपा रहे हैं पूर्व विदेश मंत्री?


ब्लॉग लेखक की तरह लिखा गया विश्लेषण:
हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने एक इंटरव्यू में कुछ ऐसे बयान दे दिए हैं, जिनसे पाकिस्तान की पोल खुद खुलती नजर आई। खासकर भारत में हुए पहलगाम हमले को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने पाकिस्तान की संलिप्तता से साफ इनकार कर दिया। मगर लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और TRF जैसे आतंकी संगठनों पर सवाल आते ही उनका लहजा कुछ असहज हो गया।

ये इंटरव्यू जितना सामान्य लग रहा था, उतना ही इसके पीछे का संदेश गंभीर था। क्या बिलावल भुट्टो ने जानबूझकर कुछ ‘छुपाया’ या फिर सच बोलने की कोशिश की और खुद ही फंस गए?


🔹 बिलावल भुट्टो ने क्या कहा?

बिलावल ने इंटरव्यू में दावा किया कि पाकिस्तान, भारत में हुए किसी भी आतंकी हमले में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि “हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे हैं, न कि आतंकवाद के समर्थन में खड़े हैं।” लेकिन जब पत्रकार ने उनसे पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों के बारे में पूछा तो वह बात को टालते नजर आए।

यहां तक कि उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान अब एक नई जंग लड़ रहा है — अपनी साख की जंग। लेकिन यह ‘जंग’ किसके खिलाफ है, यह उन्होंने स्पष्ट रूप से नहीं बताया।


🔹 परदे के पीछे की राजनीति: डर या दबाव?

बिलावल भुट्टो का यह बयान ऐसे समय में आया है जब BRICS, G7 और QUAD जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना हो रही है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी हाल ही में कहा था, “अगर आतंकी हमला होगा तो भारत जवाब देना जानता है।”

ऐसे माहौल में बिलावल का यह बयान पाकिस्तान की कोशिश को दर्शाता है कि वो अब अंतरराष्ट्रीय दबाव को महसूस कर रहा है।

कहीं यह बयान चीन या अमेरिका के दबाव में दिया गया तो नहीं? क्योंकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले ही गहरे संकट में है और वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ता जा रहा है।


🔹 क्या बिलावल मान चुके हैं कि आतंकी संगठन उनके नियंत्रण में नहीं?

बिलावल के हाव-भाव और बयानों से एक बात साफ झलक रही है कि पाकिस्तान की सरकार अब खुद मानती है कि वो आतंकी संगठनों पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं रख पा रही है। खासकर TRF (The Resistance Front), जो कश्मीर में भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय है, उसके बारे में कोई ठोस जवाब नहीं मिला।

क्या इसका मतलब ये हुआ कि TRF जैसे संगठन पाकिस्तान में सिर्फ छाया बनकर ही नहीं, हकीकत बनकर भी मौजूद हैं?


🔹 भारत का रुख और अंतरराष्ट्रीय नज़र

भारत ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर चलता है। BRICS और SCO जैसी बैठकों में पाकिस्तान को नाम न लेकर भी चेताया जाता रहा है।

भारत की एजेंसियां पहले ही पहलगाम आतंकी हमले में TRF की भूमिका की जांच कर रही हैं, और ऐसे में बिलावल का यह बयान अपने आप में एक संकेत है कि पाकिस्तान डिफेंसिव मोड में आ गया है।


🔹 क्या पाकिस्तान बदल रहा है या फिर सिर्फ दिखावा?

पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान ने FATF (Financial Action Task Force) की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने के लिए कुछ प्रयास किए हैं। लेकिन ये प्रयास कितने सच्चे हैं, इस पर सवाल उठते रहे हैं।

बिलावल का ये बयान ऐसे समय में आया है जब IMF की मदद, अंतरराष्ट्रीय निवेश और कूटनीतिक भरोसा पाने के लिए पाकिस्तान को खुद को ‘शांतिप्रिय’ दिखाना जरूरी हो गया है।

बिलावल भुट्टो का यह इंटरव्यू पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को उजागर करता है — एक ओर दुनिया को शांति का चेहरा दिखाना, दूसरी ओर आतंकी संगठनों पर चुप्पी। भारत को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि पाकिस्तान बदल चुका है। हकीकत यही है कि जब तक लश्कर, जैश और TRF जैसे संगठन वहां सक्रिय हैं, तब तक किसी भी तरह के ‘शांति संदेश’ को सिर्फ रणनीति ही माना जाएगा, सच्चाई नहीं।

बिलावल भुट्टो का बड़ा कबूलनामा: पाकिस्तान कहां लड़ रहा है ‘जंग’? क्या सच छिपा रहे हैं पूर्व विदेश मंत्री?

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Author: newsviewss

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