ब्रिटेन के F-35B लड़ाकू विमान को खींचते दिखा भारत – 900 करोड़ के फाइटर जेट की धक्का परेड! – सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
“इतने महंगे फाइटर जेट को भी धक्का देना पड़ेगा?”
शायद ही किसी ने सोचा होगा कि 900 करोड़ रुपये की लागत वाला एक आधुनिकतम फाइटर जेट, वो भी ब्रिटेन का F-35B, भारतीय ज़मीन पर हाथ से खींचकर ले जाया जाएगा! लेकिन हाल ही में ऐसा ही कुछ देखने को मिला तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर, जहां यह अत्याधुनिक जेट तकनीकी खराबी के चलते तीन हफ्तों से खड़ा था।
इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जहां कई लोग हैरानी ज़ाहिर कर रहे हैं, तो कुछ हल्के-फुल्के मजाक भी बना रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
ब्रिटेन का F-35B Lightning II लड़ाकू विमान — जो दुनिया के सबसे उन्नत और स्टेल्थ तकनीक से लैस फाइटर जेट्स में गिना जाता है — को कुछ हफ्ते पहले केरल के तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान में तकनीकी खराबी आ गई थी और उसकी जांच-पड़ताल के लिए टीम ब्रिटेन से मंगवाई गई थी।
तीन हफ्तों तक खड़ा रहा जेट, और जैसे ही मरम्मत या निरीक्षण का काम शुरू हुआ, उसे एयरपोर्ट के हैंगर में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। लेकिन चौंकाने वाली बात ये रही कि इतने महंगे और हाई-टेक जेट को हैंगर तक धक्का देकर ले जाया गया।
सोशल मीडिया पर मज़ेदार प्रतिक्रियाएं
वीडियो के सामने आते ही ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर मजेदार कमेंट्स की बाढ़ आ गई। किसी ने लिखा:
“900 करोड़ की गाड़ी और फ्यूल नहीं डाला?”
दूसरे ने कहा:
“बिल गेट्स की साइकल भी खुद चलती है… ये जेट धक्का मांग रहा है।”
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इससे भारतीय ज़मीन की ‘विनम्रता’ भी झलकती है, जो दुनिया की सबसे एडवांस मशीन को भी अपने तरीकों से ख़ास बना देती है।
https://x.com/naveenjindalbjp/status/1941861461917143208
F-35B: एक झलक इस सुपरजेट पर
F-35B दुनिया के सबसे एडवांस मल्टीरोल फाइटर जेट्स में से एक है। इसे अमेरिका के Lockheed Martin द्वारा विकसित किया गया है। इसकी खास बात यह है कि यह वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग (VTOL) की क्षमता रखता है और स्टेल्थ तकनीक के कारण दुश्मन के रडार से भी बच सकता है।
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स्पीड: 1.6 Mach (लगभग 1,975 किमी/घंटा)
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रेंज: लगभग 1,670 किमी
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कॉस्ट: ₹900 करोड़ से ज्यादा
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ऑपरेटर: अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, इजरायल आदि
ब्रिटेन की ओर से प्रतिक्रिया
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय या एयरफोर्स की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह ‘नियमित मेंटेनेंस और सेफ्टी प्रोटोकॉल’ का हिस्सा था। हालांकि, भारतीय मीडिया और आम जनता की नज़रों में ये दृश्य बेहद अनोखा और मजेदार बन गया।
भारत में विदेशी जेट?
भारत में अक्सर अंतरराष्ट्रीय अभ्यासों, रक्षा डेमोंस्ट्रेशन या फिर इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विदेशी फाइटर जेट्स आते रहे हैं। परंतु, इतने हाई-प्रोफाइल फाइटर को “धक्के से” मूव करना एक दुर्लभ और काफी वायरल क्षण बन गया है।
टेक्नोलॉजी बनाम रियलिटी
ये घटना कहीं न कहीं उस सच्चाई को भी दिखाती है कि चाहे मशीन कितनी भी महंगी और एडवांस क्यों न हो, आखिरकार उसे भी जमीन पर इंसान ही चला रहा है। और जब वो इंसान भारतीय हो, तो फिर जुगाड़ और समाधान की कमी नहीं होती!
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय या एयरफोर्स की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह ‘नियमित मेंटेनेंस और सेफ्टी प्रोटोकॉल’ का हिस्सा था। हालांकि, भारतीय मीडिया और आम जनता की नज़रों में ये दृश्य बेहद अनोखा और मजेदार बन गया।
इस घटना ने हमें हँसाया भी, चौंकाया भी, और सोचने पर मजबूर भी किया — कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी कभी-कभी सिंपल समाधान (जैसे धक्का लगाना!) सबसे असरदार होते हैं। 900 करोड़ का जेट भी वहीं जाता है, जहां इंसान की मेहनत और सोच उसे लेकर जाए।












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