संसद में गरजा राष्ट्रवाद: “PoK कांग्रेस ने दिया, लेकिन वापस BJP लाएगी” – अमित शाह का ऐलान – विपक्ष सदन से बाहर!
“PoK कांग्रेस ने भारत से अलग किया, लेकिन अब उसे भारत में मिलाना हमारी जिम्मेदारी है।”
– गृह मंत्री अमित शाह का यह बयान संसद के मानसून सत्र के आठवें दिन जैसे ही गूंजा, पूरे देश की नज़र एक बार फिर उस मुद्दे पर टिक गई, जिसे दशकों से ‘अधूरा मिशन’ कहा जा रहा है – पाक अधिकृत कश्मीर (PoK)।
💬 संसद में क्यों आया PoK का जिक्र?
बात ऑपरेशन सिंदूर से शुरू हुई, लेकिन जैसे-जैसे विपक्ष ने आरोप लगाने शुरू किए, अमित शाह ने पूरी ताकत से जवाब देना शुरू किया।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा,
“आज हम ऑपरेशन सिंदूर की बात कर रहे हैं, लेकिन देश यह नहीं भूलेगा कि भारत का जो हिस्सा पाकिस्तान को गया, वह कांग्रेस की नीतियों और गलत फैसलों का परिणाम था।”
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि इस ऐतिहासिक भूल को सुधारा जाए और PoK को वापस लाकर भारत का मान-सम्मान लौटाया जाए।

🔥 BJP और कांग्रेस के बीच तीखी बहस
कांग्रेस ने सवाल उठाया:
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PoK के मुद्दे को बार-बार उठाकर क्या सरकार ध्यान भटका रही है?
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क्या यह चुनावी स्टंट है या असली रणनीति?
BJP का पलटवार:
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“देश को जोड़ा भी हमने है, और अब अधूरा भारत पूरा करने का भी काम हम ही करेंगे।”
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PoK पर बात करना सिर्फ राजनीति नहीं, राष्ट्र की अस्मिता का सवाल है।
📜 इतिहास की गलियों से – PoK की सच्चाई
1947-48 में पाकिस्तान ने कबायली लड़ाकों की मदद से कश्मीर पर हमला किया था।
हालांकि भारतीय सेना ने ज्यादातर हिस्सा सुरक्षित रखा, लेकिन कुछ हिस्सा – जिसे आज हम पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) कहते हैं – पाकिस्तान के कब्जे में चला गया।
उस समय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने का फैसला किया, जिसे आज भी भाजपा एक बड़ी भूल मानती है।
🪖 ऑपरेशन सिंदूर – देश की नई सैन्य रणनीति
हाल ही में सामने आया “ऑपरेशन सिंदूर” भारत की सैन्य और कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है। इसमें कहा जा रहा है कि भारत ने सीमावर्ती इलाकों में:
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घुसपैठ को रोका
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दहशतगर्दों के ठिकानों को नेस्तनाबूद किया
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और आक्रामक नीति अपनाई
इसका एक इशारा ये भी है कि भारत अब सिर्फ ‘सावधानी’ नहीं बल्कि सर्जिकल स्पष्टता के साथ आगे बढ़ रहा है।
🗣️ अमित शाह के भाषण की मुख्य बातें:
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“PoK कांग्रेस की देन है, उसे वापस लाने का काम BJP करेगी।”
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“धारा 370 को हटाना शुरुआत थी, अब हम आखिरी लक्ष्य तक पहुंचेंगे।”
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“हमारे जवानों की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी।”
📈 जनता की क्या है राय?
देशभर में सोशल मीडिया पर यह मुद्दा ट्रेंड कर रहा है:
#PoKReturn #AmitShahOnPoK #OperationSindoor
लोगों का मानना है कि सरकार को अब इस मिशन पर ठोस कार्य योजना के साथ सामने आना चाहिए।
कुछ यूजर्स ने लिखा:
“70 सालों की गलती को अब सुधारने का वक्त आ गया है।”
दूसरी ओर, कुछ लोगों ने इसपर सवाल भी उठाए हैं कि क्या यह चुनावी रणनीति है या फिर वाकई भारत की जमीनी तैयारी पूरी हो चुकी है?
🧭 आगे का रास्ता क्या है?
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संसद में इस मुद्दे पर और चर्चा होनी बाकी है।
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आने वाले समय में सरकार राजनीतिक समर्थन और अंतरराष्ट्रीय समर्थन दोनों सुनिश्चित करना चाहेगी।
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अगर सरकार PoK पर ठोस नीति बनाती है, तो यह भारत के इतिहास में सबसे बड़ा पुनर्एकीकरण मिशन बन सकता है।
PoK का मुद्दा सिर्फ एक भू-भाग का सवाल नहीं है, यह भारत की आत्मा और अखंडता का प्रश्न है।
अमित शाह का यह बयान न सिर्फ एक राजनेता की आवाज़ है, बल्कि देश की करोड़ों जनता की भावना भी है।
अब देखना है कि यह शब्द संसद तक सीमित रहते हैं या जमीन पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का दूसरा अध्याय लिखा जाता है।
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संसद में गरजा राष्ट्रवाद: “PoK कांग्रेस ने दिया, लेकिन वापस
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