देश भर में पेपर लीक को लेकर बवाल मचा हुआ है। एक तरफ केंद्र सरकार नीट-2024 और UGC NET के पेपर लीक को लेकर चौतरफा घिरी हैं वहीं अब यूपी STF ने पेपर लीक को लेकर बड़ा खुलासा किया है। यूपी STF के अनुसार, भोपाल की प्रिंटिंग प्रेस में परीक्षा का पर्चा छपा था। प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी सुनील रघुवंशी की मदद से राजीव नयन मिश्रा ने RO/ARO का पेपर लीक करवाया था। UPSTF ने भोपाल के प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी सुनील रघुवंशी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी की गिरफ्तारी प्रयागराज के सिविल लाइन थान क्षेत्र से की गई है। सुनील रघुवंशी के साथ राजीव नयन मिश्रा का साथी और फाइनेंस हैंडलर सुभाष प्रकाश भी इस मामले में गिरफ्तार हुआ है।
पेपर लीक का मास्टरमंद राजीव नयन मिश्रा ही निकला
दरअसल यूपी एसटीएफ ने 21 अप्रैल को खुलासा किया था कि आरओ/एआरओ परीक्षा का प्रश्नपत्र प्रयागराज के बिशप जॉनसन गर्ल्स कॉलेज केंद्र के अलावा एक अन्य जगह से भी लीक कराया गया। मेरठ जेल में बंद नकल माफिया राजीव नयन मिश्र से पूछताछ में पता चला था कि उसे यह पेपर उसके दोस्त सुभाष प्रकाश निवासी मधुबनी ने पहले ही भेजा था। इसके बाद से ही सुभाष की तलाश की जा रही थी। उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में राजीव नयन मिश्रा और रवि अत्री के साथ सुभाष प्रकाश का भी नाम सामने आया था। उत्तर प्रदेश के सिपाही भर्ती परीक्षा के बाद दूसरी सबसे बड़ी परीक्षा का पेपर भोपाल के प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। सिपाही भर्ती परीक्षा और समीक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा पेपर लीक का मास्टरमंद राजीव नयन मिश्रा ही निकला।
कैसे हुआ पेपर लीक, यहां समझें पूरा खेल
- यूपी एसटीएफ ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया उनका नाम संदीप पांडेय, अमरजीत शर्मा, सुभाष प्रजापति, सुनील रघुवंशी, विवेक उपाध्याय और विशाल है. वहीं इस मामले में यूपी एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है।
- यूपी STF ने बताया कि इस पेपर लीक गैंग का सुनील जहां पेपर छपाई होती थी वहां काम करता था इसी दौरान वह प्रश्नपत्र की छपाई पर नजर रखने लगा। प्रिंटिंग के दौरान यदि कोई प्रश्नपत्र स्याही आदि के कारण थोड़ा बहुत खराब हो जाता है, तो उसे छांटकर अलग रखा जाता है और बाद में कटर मशीन में नष्ट कर दिया जाता है।
- तीन फरवरी को सुनील मशीन की मरम्मत के बहाने मौजूद था और मौका देखकर प्रिंटिंग प्रेस मशीन के एक पार्ट को बाहर ठीक कराने के नाम पर पानी की बोतल लेकर प्रेस से बाहर आ गया। इन्हीं में वह एक प्रश्नपत्र भी छिपाकर बाहर लाया और इस तरह से पेपर लीक कराया गया।
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पूछताछ में सुनील ने बताया कि प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए उसकी राजीव नयन एंड कंपनी से 10 लाख की डील हुई थी। उसने प्रश्नपत्र भोपाल में अपने सामने ही पढ़वाए जाने की शर्त भी रखी, ताकि व्यापक रूप से प्रश्नपत्र वायरल न होने पाए। इस पर राजीव नयन व उसके साथियों ने हामी भी भरी। हालांकि, बाद में सुभाष व विशाल ने इसकी फोटो राजीव नयन के मोबाइल पर भी भेजी जिसके बाद पेपर वायरल हुआ।
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सुभाष प्रकाश का मोबाइल चेक करने पर पता चला कि उसने प्रश्नपत्रों का फोटो खींचकर नौ फरवरी को ही रात 10.31 बजे सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र क्रमांक 4131167 और 10.32 बजे सामान्य अध्ययन का प्रश्नपत्र क्रमांक 1398546 अपने गैंग के सदस्यों को व्हाट्सएप पर भेज दिया था। यह दोनों उसी क्रमांक वाले प्रश्नपत्र हैं, जो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.











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