संसद में आज (24 जुलाई) मानसून सत्र का तीसरा दिन है। हंगामे के बीच सदन में प्रश्न काल शुरू हो गया है। इसके बाद बजट पर चर्चा शुरू हो गई है। कल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया था। बजट पर चर्चा के लिए 20 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। संसद सत्र शुरू होने से पहले इंडिया गठबंधन के सांसदों ने बजट को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया है. सत्र की शुरुआत में भी बजट को लेकर लोकसभा में नारेबाजी की गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- यह अन्याय है। हम विरोध करेंगे। बजट से 90% देश गायब है। वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ” इस बजट में अधिकांश राज्यों के लिए इसमें बहुत कम है। केरल से कुछ उम्मीदें थीं, खासकर स्वास्थ्य क्षेत्र में लेकिन वे सभी पूरी नहीं हुईं। हर राज्य के पास बताने के लिए अपने-अपने मुद्दे हैं।”
विपक्ष बोला- यह कुर्सी बचाओ बजट
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, यह बजट सिर्फ अपने सहयोगियों को संतुष्ट करने के लिए है। उन्होंने किसी को कुछ नहीं दिया है।
- वहीं सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने कहा- यह बजट रिएक्शन करने लायक नहीं है। यह सिर्फ एक नाटक है। जो वादे कागजों में हुए हैं वो लागू नहीं हो सकते हैं।
- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए इसे “गरीब विरोधी और राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण” बताया और केंद्र सरकार पर राज्य के हितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
- कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा है कि यह बहुत अनुचित बजट है। भारत के अधिकांश राज्यों को नजरअंदाज किया गया है, उनकी जरूरी चिंताओं को नजरअंदाज किया गया है।
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने ऐलान किया था कि डीएमके सांसद बजट के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेंगे। वह इस बजट से बिल्कुल भी खुश नजर नहीं आ रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने बजट में तमिलनाडु को नजरअंदाज किया है।
कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने किया नीति आयोग की मीटिंग का बॉयकॉट
23 जुलाई को सदन में पेश हुए बजट का विपक्ष जमकर विरोध कर रहे है। कांग्रेस ने केंद्रीय बजट 2024-25 को भेदभावपूर्ण और खतरनाक करार दिया है। इसका विरोध करने के लिए कांग्रेस ने मंगलवार शाम को बड़ी घोषणा कर दी। कांग्रेस पार्टी के चार मुख्यमंत्री 27 जुलाई को दिल्ली में होने वाली नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। ये 4 मुख्यमंत्री है- सिद्धारमैया (कर्नाटक), रेवंत रेड्डी (तेलंगाना), सुखविंदर सुखू (हिमाचल प्रदेश) और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन (तमिलनाडु)। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय बजट 2024-25 को कांग्रेस द्वारा भेदभावपूर्ण और खतरनाक इसके बाद अन्य कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस विरोध में शामिल होकर नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












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