प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग (NITI Aayog) की नौवीं गवर्निंग काउंसिलकी बैठक दिल्ली में शनिवार को हुई। जिसमें केंद्रीय मंत्रियों, ममता बनर्जी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। गवर्निंग काउंसिल की बैठक में विकसित भारत@ 2047 पर विजन डॉक्यूमेंट पर भी चर्चा हुई। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
हमें युवाओं को कुशल और सशक्त बनाना है
बैठक में पीएम मोदी ने अपने विकसित भारत विजन पर चर्चा की और कहा कि, “भारत एक युवा देश है। यह अपने कार्यबल के कारण पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा आकर्षण है। हमें अपने युवाओं को एक कुशल और रोजगार योग्य कार्यबल बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए। विकसित भारत 2024 बनाने के लिए कौशल, अनुसंधान, नवाचार और नौकरी आधारित ज्ञान पर जोर देना जरूरी है।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि यह दशक बदलावों का है, तकनीकी और भू-राजनीतिक के साथ-साथ अवसरों का भी है। भारत को इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए और अपनी नीतियों को अंतरराष्ट्रीय निवेश के अनुकूल बनाना चाहिए। यह भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रगति की सीढ़ी है।
विपक्ष ने किया बैठक का विरोध, ममता ने लगाया भेदभाव का आरोप
इससे पहले नीति आयोग की बैठक का कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन के कई दल विरोध किया। वहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन के विरोध से इतर नीति आयोग की बैठक में शामिल हुईं। हालांकि वो बैठक को बीच में ही छोड़ कर चली गईं। बैठक से बाहर आने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें बैठक में बोलने का मौका नहीं मिला इसलिए वो विरोध जताते हुए बाहर आ गईं। बाहर आते ही उन्होंने कहा कि उन्हें केवल पांच मिनट बोलने दिया गया है, बाकी सीएम को 20 मिनट के लिए बोलने दिया गया… ‘इसलिए मैं विरोध करते हुए मीटिंग से छोड़कर बाहर आ गई हूं…. चंद्रबाबू नायडू को 20 मिनट बोलने दिया गया… अपने देश और राज्य के लिए मैंने मीटिंग में शामिल होने का फैसला लिया था… पश्चिम बंगाल को बजट में कुछ नहीं मिला है… जैसे ही मैंने बैठक में पश्चिम बंगाल के साथ हुए भेदभाव के बारे में बोलना शुरू किया, उन्होंने मेरा माइक बंद कर दिया।’
047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य
नीति आयोग की बैठक 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने पर केंद्रित है. इस बैठक का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहभागी संचालन और सहयोग को बढ़ावा देना, वितरण तंत्र को मजबूत करके ग्रामीण और शहरी दोनों आबादी के लिए जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना है। नीति आयोग की शीर्ष संस्था शासी परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। बता दें कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और इसका लक्ष्य 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












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