1947 की बाद देश जिन उपलब्धियों पर नाज करता है…उनमें ऑपरेशन फ्लड भी शामिल है। ऑपरेशन फ्लड की शुरुआत 13जनवरी 1970 की गई….ये दुनिया का सबसे विशाल डेयरी डेवलपमेंट प्रोग्राम था। जिसने दूध उत्पादन के क्षेत्र में भारत को जमीन से आसमान तक पहुंचा दिया। इस कार्यक्रम की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम की शुरुआत में दूध उत्पादक क्षेत्र में जो भारत 50वें पायदान पर था। वो सिर्फ दो दशक में ही दूध उत्पादन के मामले में टॉप पर पहुंच गया है।

लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद भारत की उस बेटी ने देश की बागडोर संभाली। जिसे कांग्रेस के दिग्गज गूंगी गुड़िया कहकर कमतर आंकते थे। लेकिन जब इंदिरा गांधी ने ऑफिस संभाला तो उनके आत्मविश्वास लग्न नेतृत्व शक्ति और निडर कदमों ने सबको चौंका दिया। 19 नवंबर 1917 को जन्मी इंदिरा गांधी ने कई ऐसे बड़े फैसले लिए। जिससे देश के इतिहास को बदल दिया। देश की दशा-दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका अदा की।

19 जुलाई 1969 को इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक अध्यादेश पारित किया। ये अध्यादेश देश-विदेश के 14 निजी बैंकों के राष्ट्रीयकरण के लिए था। इन 14 बैंकों में देश का करीब 70% पैसा जमा था। अध्यादेश पारित होने के बाद फिर बैंकों का मालिकाना हक सरकार के पास चला गया। बैंको के राष्ट्रीयकरण को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश निरस्त कर दिया फिर सरकार ने कानून बनाकर इसको लागू कर दिया। ये आर्थिक समानता को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।

इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान को ऐसा जख्म दिया जिसकी टीस हमेशा उसको महसूस होती रहेगी। पाकिस्तान के लिए ये जख्म 1971 के बांग्लादेश युद्ध के रूप में था। जिसके बाद पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। पाकिस्तान के सैन्य शासन ने पूर्वी पाकिस्तान के नागरिकों पर जुल्म की इंतहा कर दी थी। उसके नतीजे में करीब एक करोड़ शरणार्थी भागकर भारत में चले आए थे। बाद में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ जिसमें न सिर्फ पाकिस्तान की शर्मनाक हार हुई बल्कि उसके 90 हजार सैनिकों को भारत में युद्धबंदी बनाया था।

18 मई 1974 को भारत ने अपने परमाणु परिक्षण धमाके की गूंज दुनिया को सुनाई थी। इस ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी थी राजस्थान की वीर भूमि राजस्थान में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर प्रसिद्ध जैसलमेर जिले के पोखरण में किए गए इस परमाणु परीक्षण से भारत ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाकर अचंभे में डाल दिया था। उसकी 24 साल बाद 1998 में भी भारत ने एक बार फिर पोखरण में परमाणु परीक्षण कर पुरानी यादों को ताजा कर दिया था।

Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












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