केरल के पलक्कड़ में शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) तीन दिवसीय वार्षिक समन्वय बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक 31 अगस्त को सुबह 9 बजे शुरू हुई और दो सितंबर तक चलेगी। अखिल भारतीय समन्वय बैठक के पहले दिन सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत सभी छह सह सरकार्यवाह और अन्य अखिल भारतीय पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन मंत्री बीएल संतोष ने भी बैठक में शिरकत की। इनके अलावा बैठक में 32 संघ प्रेरित विविध संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संगठन मंत्री एवं प्रमुख पदाधिकारी तथा सभी संगठनों की महिला प्रतिनिधि सहित लगभग 300 कार्यकर्ता उपस्थित हैं।
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— RSS (@RSSorg) August 31, 2024
बैठक में वायनाड पर भी हुई चर्चा
तीन दिवसीय यह अखिल भारतीय बैठक सामान्यतः वर्ष में एक बार आयोजित की जाती है। बैठक के प्रारंभ में हाल ही में वायनाड में हुए भूस्खलन की जानकारी और स्वयंसेवकों द्वारा किए गए सहायता व सेवा कार्यों की जानकारी सभी प्रतिनिधियों को दी गई। वहीं बैठक के दौरान विविध संगठन के कार्यकर्ता अपने कार्य की जानकारी तथा अनुभवों का निवेदन तथा आदान-प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय हित के विभिन्न विषयों के संदर्भ में वर्तमान परिदृश्य, हाल में हुई महत्वपूर्ण घटनाओं तथा सामाजिक परिवर्तन के अन्यान्य आयामों, योजनाओं के संदर्भ में बैठक में चर्चा होगी। सभी संगठन विविध विषयों पर परस्पर सहयोग तथा समन्वय को और अधिक बढ़ाने हेतु आवश्यक उपायों पर भी चर्चा करेंगे।
पालक्काड, केरल (31 अगस्त, 2024)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक केरल के पालक्काड में आरम्भ हुई। यह बैठक 2 सितंबर तक चलेगी। इस अखिल भारतीय समन्वय बैठक में पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत, माननीय सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के सभी छह सह… pic.twitter.com/ausj29aE0s
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RSS की कार्यकारी बैठक नहीं, विभिन्न संगठनों की बैठक
संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, यह आरएसएस की कार्यकारी बैठक नहीं है, बल्कि उससे जुड़े विभिन्न संगठनों की बैठक है। इस बैठक में आरएसएस से प्रेरित संगठनों के कार्यकर्ता अपने-अपने काम की जानकारी साझा करेंगे और अनुभवों का आदान-प्रदान करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 2025 में विजयादशमी के दिन जब आरएसएस अपना शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब संगठन पांच नई पहलों की शुरुआत करेगा। इनमें सामाजिक समरसता, परिवार जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, आत्म-निर्भरता और नागरिक दायत्व शामिल हैं। आरएसएस नेता ने कहा, सामाजिक समरसता के तहत संगठन समाज में एकता और सामंजस्य को बढ़ाने की कोशिश करेगा। परिवार जागरूकता के तहत यह देखेगा कि कैसे परिवारों को मजबूत किया जा सकता है और वे राष्ट्र निर्माण में कैसे योगदान दे सकते हैं।
भविष्य के एजेंडे पर भी हो सकती है चर्चा
केरल में पहले भी कई अखिल भारतीय स्तर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अखिल भारतीय समन्वय बैठक पहली बार हो रही है। आरएसएस का गठन साल 1925 में हुआ था, साल 2025 में संघ अपनी 100वीं वर्षगांठ का जश्न मनाएगा, जिसकी तैयारी पर भी इस बैठक में चर्चा की जाएगी। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही विभिन्न मुद्दों पर आ रहे संघ नेताओं के बयानों के बीच संघ के समन्वय समिति की इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। बैठक में भाजपा नेता चुनाव परिणाम को लेकर पार्टी का स्टैंड सामने रख सकते हैं। पार्टी की तरफ से भविष्य के एजेंडे की जानकारी भी बैठक में दी जा सकती है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.











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