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Srinagar Grenade attack: लाल चौक के संडे मार्केट में ग्रेनेड ब्लास्ट, 12 घायल, सीएम उमर अब्दुल्ला का आया रिएक्शन

जम्मू कश्मीर में 10 साल बाद निर्वाचित सरकार बनने के बाद वहां आतंकी घटनाओं में तेजी आ गई है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के आतंकियों एक बार फिर ग्रेनेड हमला किया है। रविवार को भीड़भाड़ वाले संडे बाजार में एक ग्रेनेड हमला किया। हमले में करीब 12 लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब यह आतंकी हमला हुआ, तब बाजार में ठीक-ठाक भीड़ मौजूद थी और लोग शॉपिंग करने में व्यस्त थे। तभी आतंकियों ने वहां पर ग्रेनेड फेंका और भाग गए। इस हमले के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है। साथ ही आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है।

भरे बाजार में ग्रेनेड फेंक भागे आतंकी

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, आतंकवादियों ने टीआरसी के पास एक भरे बाजार में ग्रेनेड फेंका, हमले के बाद अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि घायल लोगों को केवल कुछ छर्रे लगे हैं। इससे पहले सुरक्षाबलों ने शनिवार को दो एनकाउंटर में पाकिस्तान के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था। ये दोनों एनकाउंटर अलग-अलग जगहों पर हुए. पहला एनकाउंटर श्रीनगर में हुआ, जबकि दूसरा अनंतनाग में। इसमें सुरक्षाबलों ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के टॉप पाकिस्तानी कमांडर और 2 अन्य दहशतगर्दों को मार गिराया।

सुरक्षा एजेंसियों हर वो चीज करनी चाहिए जिससे ऐसे हमले ना हों

वहीं इस हमले को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा एक्स पर लिखा कि बीते कुछ दिनों से घाटी में आतंकी हमले और सेना के साथ आंतकियों के मुठभेड़ की कई घटनाएं सामने आई हैं। आज श्रीनगर में आतंकियों ने बेकसूर लोगों पर ग्रेनेड हमला किया है। ये बेहद विचलित करने वाला है। निर्दोष लोगों को निशाना बनाने को लेकर किसी तरह का कोई स्पष्टिकरण नहीं दिया जा सकता है। मुझे लगता है कि सुरक्षा एजेंसियों हर वो चीज करनी चाहिए जिससे की इस तरह के हमले आगे ना हों। ताकि घाटी में लोग बगैर किसी डर के रह सकें।

विधानसभा चुनाव के बाद घाटी में बढ़े आतंकी हमले

आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही कश्मीर में टारगेट किलिंग की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसमें खास तौर पर आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों, प्रवासी कामगारों और यहां तक कि सरकार या पुलिस में काम करने वाले उन स्थानीय मुस्लिमों को भी निशाना बनाया है, जिन्हें वे भारत का करीबी मानते हैं। पिछले महीने अक्टूबर में आतंकियों ने 5 बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है। जिनमें प्रवासी मजदूरों पर हुए हमले भी शामिल हैं। जम्मू कश्मीर में निर्वाचित सरकार बनने के बाद आतंकी गतिविधियों में हुई इस बढ़ोतरी से अधिकारियों के माथे पर शिकन है।

Mukul Dwivedi
Author: Mukul Dwivedi

I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.

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