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झांसी मेडिकल कॉलेज में लगी आग, 10 बच्चों की झुलसकर मौत, सीएम ने दिए जांच के आदेश

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शिशु वार्ड (एसएनसीयू) में शुक्रवार रात भीषण आग लग गई। जिसमें झुलस कर 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई। इस घटना में 16 से अधिक बच्चे झुलस गए। घटना के वक्त वार्ड में 49 बच्चों का इलाज चल रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 37 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह घटना अस्पताल के शिशु वार्ड (नीकू- नवजात गहन चिकित्सा इकाई) में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग के चलते हुई। डीएम समेत तमाम अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। घटना रात करीब साढ़े 10 बजे की है। डिप्टी सीएम ब्र झांसी के लिए रवाना हो चुके हैं।

CM योगी ने घटना की जांच के तीन स्तरीय जांच कमेटी बनाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे का संज्ञान ले लिया है और वे इस पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने 12 घंटे के अंदर में एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांग ली है। उन्होंने अस्पताल में आग लगने की घटना की जांच के तीन स्तरीय जांच कमेटी बैठाई है। सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर घटना को लेकर दुःख जाहिर की है। सीएम योगी ने लिखा कि जनपद झांसी स्थित मेडिकल कॉलेज के NICU में घटित एक दुर्घटना में हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। जिला प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों को संचालित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा-ब्रजेश पाठक

मुख्यमंत्री के निर्देश पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और स्वास्थ्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा झांसी पहुंचे। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुधा सिंह और पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया। घटना के बाद सुबह-सुबह डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि पीड़ित परिवारों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस घटना के दोषियों को किसी की सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

शॉर्ट सर्किट से लगी NICU वार्ड में आग

शिशु वार्ड में शॉर्ट सर्किट के चलते यह आग लगी। अस्पताल में आग लगने के बाद अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया। वार्ड में धुएं और आग की लपटों के बीच डॉक्टरों, नर्सों और प्रशासन की टीम ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। आग से प्रभावित वार्ड की खिड़की तोड़कर 37 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, 10 बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी। इस दर्दनाक घटना के बाद बच्चों के परिजन अस्पताल में बेसुध नजर आए। हादसे से आक्रोशित परिजनों ने सुरक्षा उपायों में लापरवाही का आरोप लगाया।

Mukul Dwivedi
Author: Mukul Dwivedi

I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.

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