विज्ञापन के लिए संपर्क करें

One Nation One Election: ‘एक देश, एक चुनाव’ को कैबिनेट की मंजूरी, शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने की तैयारी

पूरे देश में सभी चुनावों को एक साथ करवाने का रास्ता अब साफ हो गया है। संसद के शीतकालीन सत्र के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ बिल को मंजूरी मिल गई है। सरकार इस बिल को अगले हफ्ते संसद के शीतकालीन सत्र में ही पेश कर सकती है। सबसे पहले यह बिल जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के पास जाएगा और फिर इस पर सभी सियासी दलों के सुझाव लिए जाएंगे। आखिर में यह बिल संसद में लाया जाएगा और इसको पास करवाया जाएगा।

100 दिनों के भीतर सभी चुनाव एक साथ कराने का लक्ष्य

इससे पहले कैबिनेट ने राम नाथ कोविंद समिति द्वारा इस पर बनाई गई रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। कमेटी ने चरणबद्ध तरीके से लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने का सुझाव दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विधेयक को ऐसे ही पास कराने के लिए संसद में नहीं लाया जाएगा। सरकार इस विधेयक पर व्यापक सहमति बनाने के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने की योजना बना रही है। ऐसे में बिल पर राय भी ली जाएगी। बुद्धिजीवियों, विशेषज्ञों और नागरिक समाज के सदस्यों के अलावा सभी राज्य विधानसभाओं के अध्यक्षों की राय भी ली जाएगी। वहीं, आम लोगों से भी सुझाव मांगे जाएंगे। बिल का उद्देश्य 100 दिनों के भीतर शहरी निकाय और पंचायत चुनावों के साथ-साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना है।

यह एक राष्ट्र, एक चुनाव गेम-चेंजर होगा-कोविंद

कोविंद की अगुआई वाली समिति ने अपनी 18,626 पन्नों की रिपोर्ट में इस कदम को दो चरणों में लागू करने का सुझाव दिया है। समिति ने पहले चरण के तौर पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने का सुझाव दिया है। इसके बाद लोकसभा, विधानसभा, नगर निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ होंगे। यह सब 100 दिनों के अंदर होगा। सरकार का मानना है कि इससे देश की जीडीपी में 1-1.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी। कई नेताओं ने इस फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि बार-बार चुनाव से समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा था कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर आम सहमति बनानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश के हित में है। यह एक राष्ट्र, एक चुनाव गेम-चेंजर होगा।

बीजेपी के घोषणा पत्र में शामिल रहा है ‘एक देश एक चुनाव’

पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना भाजपा द्वारा अपने लोकसभा चुनाव घोषणापत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक था। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले 2019 में 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक देश एक चुनाव के अपने विचार को आगे बढ़ाया था। उन्होंने कहा था कि देश के एकीकरण की प्रक्रिया हमेशा चलती रहनी चाहिए। 2024 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी प्रधानमंत्री ने इस पर विचार रखा। एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस कानून की वकालत करते हुए कहा था कि लगातार चुनाव देश की प्रगति में बाधा बन रहे हैं।

 

 

Mukul Dwivedi
Author: Mukul Dwivedi

I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टॉप हेडलाइंस