Parliament Winter Session 2024: लोकसभा के शीतकालीन सत्र में 13 और 14 दिसंबर को संविधान के गौरवशाली 75 वर्षों की यात्रा पर चर्चा हुई। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर संविधान से ज़्यादा सत्ता को तरजीह देने का आरोप लगाया था। तो वहीं विपक्ष के नेताओं ने इस सरकार में संविधान को खतरे में बताया। वहीं शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में संविधान पर चर्चा में शामिल हुए। मोदी बोले- हम सबके लिए और सभी देशवासियों के लिए इतना ही नहीं, विश्व के लोकतांत्रिक देशों के नागरिकों के लिए ये गौरव का पर्व है। बड़े गर्व के साथ लोकतंत्र के उत्सव को मनाने का ये अवसर है।
हम सिर्फ विशाल लोकतंत्र ही नहीं,लोकतंत्र की जननी हैं
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि संविधान निर्माता इस बात को लेकर बहुत सजग थे, वो ये नहीं मानते थे कि भारत का जन्म 1947 को हुआ, वो नहीं मानते थे कि भारत में लोकतंत्र 1950 से शुरू हुआ। वो हजारों साल की यात्रा के प्रति सजग थे। भारत का लोकतंत्र, भारत का गणतांत्रित अतीत बहुत ही समृद्ध रहा है। तभी भारत आज मदर ऑफ डेमोक्रेसी के रूप में जाना जाता है। हम सिर्फ विशाल लोकतंत्र ही नहीं, हम लोकतंत्र की जननी हैं। संविधान सभा में 15 महिला सदस्य थीं। ये सभी बहनें अलग-अलग क्षेत्र की थीं। संविधान में उन्होंने जो सुझाव दिए, उन सुझावों का संविधान के निर्माण में बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा था। दुनिया के कई देशों को महिलाओं को अधिकार देने में दशकों बीत गए, लेकिन हमारे यहां शुरुआत से ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया गया था।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी बोला जमकर हमला
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। देश के लंबे इतिहास में एक ही परिवार ने राज किया है। इस परिवार के कुविचार, कुरीति, कुनीति, इसकी परंपरा निरंतर चल रही है। हर स्तर पर इस परिवार ने संविधान को चुनौती दी है। 1947 टू 1952 इस देश में चुनी हुई सरकार नहीं थी। एक अस्थायी व्यवस्था, एक सेलेक्टेड सरकार थी। चुनाव नहीं हुए थे। एक अंतरिम व्यवस्था के तौर पर खाका खड़ा हुआ था। 1952 के पहले राज्यसभा का गठन नहीं हुआ था। पीएम मोदी ने कहा कि संविधान के जब 25 साल थे, हमारे देश में इमरजेंसी लाई गई। नागरिकों के अधिकारों को लूट लिया गया। प्रेस की स्वतंत्रता को ताले लगा दिए गए। कांग्रेस के माथे पर ये जो पाप है न, यह धुलने वाला नहीं है। लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। पीएम मोदी ने कहा कि आज जब हम संविधान लागू होने के 75 वर्ष का उत्सव मना रहे हैं तो अच्छा संयोग है कि राष्ट्रपति पद पर एक महिला आसीन हैं जो संविधान की भावना के अनुरूप भी है. उन्होंने कहा कि हर बड़ी योजना के केंद्र में महिलाएं होती हैं।
हमने भेदभाव मिटाया और एकता को मजबूत किया
पीएम मोदी ने कहा कि देश के बुनियादी ढांचे में भेदभाव की बू आती रही है। हमने उसे मिटाया और एकता को मजबूत किया। देश के हर राज्य में बुनियादी ढांचे को सामर्थ्य देने का हमने काम किया। पीएम ने कहा कि युग बदल चुका है।आज हमारा देश बहुत तेज गति से विकास कर रहा है। भारत जल्द विश्व की तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में बहुत मजबूत कदम रख रहा है। ये 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प है कि जब हम आजादी की शताब्दी मनाएंगे तो हम इस देश को विकसित भारत बना कर रहेंगे। पिछले 10 साल देश की जनता ने हमें जो बहुमत दिया है, उसमें हमने देश में एकता का भाव मजबूत किया है। जम्मू-कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 देश की एकता में रोड़ा बन रहा था। हमने अनुच्छेद 370 को हटा दिया। वन नेशन-वन टैक्स यानी जीएसटी, वन नेशन-वन राशन कार्ड हमने लागू किया। आज देश का कोई व्यक्ति अगर कहीं बीमार हो गया तो उसके पास देश में आयुष्मान कार्ड है। हमने वन नेशन-वन इलेक्ट्रिक ग्रिड के सपने को पूरा कर दिया। आज बिजली को देश के किसी भी जगह से कहीं भी दिया जा सकता है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












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