संसद के बजट सत्र में आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर चर्चा हो रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। 31 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू हुए बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था। दूसरे दिन 1 फरवरी को वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश किया था। वहीं, अब लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरा है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि मोदी सरकार में बेरोजगारी बढ़ी है। सरकार ने इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। राहुल ने कहा कि बेरोजगारी समस्या का समाधान न तो कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार कर पाई, और न ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA की सरकार।
मैन्यूफैचरिंग 60 साल में सबसे निचले स्तर पर है-राहुल
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राहुल ने कहा- मैंने राष्ट्रपति का भाषण सुना। वह पिछले कई सालों से यही बातें दोहरा रही हैं। हमने ये किया, हमने ये किया हमने वो किया। मैं संसद में बैठकर उन्हें सुन रहा था, मैं सिर्फ उसके खिलाफ जो उन्होंने बोला। आज मैं वो बताऊंगा, कि उनका क्या संबोधन हो सकता था। राहुल ने कहा- देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है। इसलिए जो कुछ होना चाहिए उनके लिए होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया की जो बात की, वह अच्छा आइडिया है, लेकिन मैन्यूफैक्चरिंग फेल रही है। हम प्रधानमंत्री पर दोषारोपण नहीं कर रहे, पीएम ने कोशिश की, ये आइडिया सही था लेकिन वे फेल रहे हैं। राहुल ने आगे कहा कि मैन्यूफैचरिंग 60 साल में सबसे निचले स्तर पर है। उन्होंने मेक इन इंडिया का जिक्र करते हुए फोन दिखाया और कहा कि भले ही हम कहें कि ये भारत में बना है लेकिन इसके पार्ट्स चीन से आए हैं और यहां असेंबल किया गया है। हमने कंजम्प्शन पर फोकस किया, असमानता बढ़ी। उन्होंने कहा कि दुनिया पूरी तरह से बदल रही है। हम पेट्रोलियम से बैट्री और परमाणु ऊर्जा की ओर बढ़ रहे हैं। हर चीज बदल रही है।
भारतीय बैंकिंग सिस्टम को बदलने की जरूरत है-राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि चीन उत्पादन में हमसे आगे है। हमारे यहां कास्ट सिस्टम बेहतर है। उन्होंने उत्पादन क्रांति पर भारत और अमेरिका सहयोग की वकालत करते हुए यह भी कहा कि हमारे बिना अमेरिका में उत्पादन संभव नहीं है। भारतीय बैंकिंग सिस्टम को बदलने की जरूरत है। उन्होंने तेलंगाना में कास्ट सेंसस का जिक्र किया और कहा कि तेलंगाना में 90 फीसदी एससी-एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक हैं। ओबीसी की आबादी देश में 50 फीसदी से कम नहीं है। पिछले बजट की हलवा बांटने वाली फोटो का जिक्र करते हुए कहा कि हैरान हो गया कि इस बार हलवा वाली फोटो ही हटा दी।हलवा खिलाया, लेकिन किसको खिलाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के ओबीसी सांसद मुंह नहीं खोल सकते। बीजेपी के ओबीसी, एससी-एसटी सांसदों को कोई पावर नहीं है। इस पर बीजेपी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई।
राहुल के संबोधन में AI के उपयोग का भी जिक्र
राहुल गांधी ने कहा, “लोग एआई के बारे में बात करते हैं, लेकिन यह समझना महत्वपूर्ण है कि एआई अपने आप में बिल्कुल निरर्थक है क्योंकि एआई डेटा के शीर्ष पर काम करता है।”राहुल गांधी ने कहा, “डेटा के बिना, एआई का कोई मतलब नहीं है। और अगर हम आज डेटा को देखें , एक बात है जो बहुत स्पष्ट है। दुनिया में उत्पादन प्रणाली से निकलने वाला हर एक डेटा, वह डेटा जो इलेक्ट्रिक कारों को बनाने के लिए उपयोग किया जाता है आज ग्रह पर मूल रूप से सभी इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है चीन के स्वामित्व में है और उपभोग डेटा संयुक्त राज्य अमेरिका के स्वामित्व में है। राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना का जिक्र करते हुए कहा कि देश के लिए यह कदम अहम हैं। लेकिन अगर इसमें एआई का इस्तेमाल किया जाए तो इसकी पारदर्शिता नहीं रहेगी।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.











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