Pakistan Jaffar Express Train Hijack: पाकिस्तान में बलोच लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army) ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक(Pakistan Train Hijack) कर लिया है। ट्रेन में 500 से ज्यादा लोग सवार हैं। BLA ने यात्रियों को छोड़कर ट्रेन में मौजूद कई पाकिस्तानी सैनिक (Pakistani Army), पुलिसकर्मी और खुफिया एजेंसी ISI के अधिकारियों को भी बंधक बना लिया है। BLA ने बयान जारी कर बताया कि 182 पैसेंजर्स को बंधक बना रखा है, जबकि 20 पाकिस्तानी सैनिकों (Pakistani Army) की हत्या कर दी है। BLA ने ये भी बताया कि उसने एक ड्रोन मार गिराया है। ये हमला दोपहर करीब 1 बजे क्वेटा से पेशावर के रूट पर बलूचिस्तान के बोलान जिले के माशकाफ इलाके में हुआ। 6 घंटे बाद शाम 7:30 बजे तक भी जाफर एक्सप्रेस पूरी तरह से BLA के लड़ाकों के नियंत्रण में है।
जहां ट्रेन रोकी गई वो पहाड़ी और दुर्गम इलाका
बलूचिस्तान (Balochistan) पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन लंबे समय से यहां अलगाववादी संघर्ष जारी है। BLA जैसे संगठन आजादी और अधिक संसाधनों की मांग कर रहे हैं। रेलवे सुरक्षा अधिकारी मुख्तार अहमद ने बताया कि ट्रेन जिस जगह रोकी गई है, वह एक पहाड़ी और दुर्गम इलाका है। वहां केवल पैदल चलकर ही पहुंचा जा सकता है। ये ट्रेन जाफर एक्सप्रेस ट्रेन दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान(Balochistan) प्रांत के क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी, तभी उस पर गोलीबारी की गई। बलूच लिबरेशन आर्मी ने बोलान के माशकाफ में गुडालार और पीरू कुनरी के बीच इस हमले को अंजाम दिया है। यह पहाड़ी इलाका है, जहां 17 सुरंगें हैं, इसके चलते ट्रेन को धीमी स्पीड पर चलाना पड़ता है। इसका फायदा उठाकर BLA ने ट्रेन पर हमला किया। सबसे पहले बलूच आर्मी ने माशकाफ में टनल नंबर-8 में रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया। इससे जाफर एक्सप्रेस डिरेल हो गई। इसके बाद BLA ने फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में ट्रेन का ड्राइवर भी घायल हुआ। इस ट्रेन में सुरक्षाबलों, पुलिस और ISI के एजेंट्स सफर कर रहे थे। सभी पंजाब जा रहे थे। इन्होंने BLA के हमले का जवाब दिया, लेकिन BLA ने ट्रेन पर कब्जा कर लिया।
क्वेटा के सिविल अस्पताल में इमरजेंसी घोषित
प्रांतीय सरकार ने स्थानीय अधिकारियों को आपातकालीन कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। क्वेटा के सिविल अस्पताल में इमरजेंसी घोषित किया गया है। BLA ने अपने बयान में चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तानी सेना ने कोई कार्रवाई की, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। आतंकवादियों ने धमकी दी है कि अगर पाकिस्तानी सेना ने दखल दिया, तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा। BLA के बयान के अनुसार, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बलूच नागरिकों को सुरक्षित छोड़ दिया गया, जबकि बाकी यात्रियों को बंधक बना लिया गया है।
भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद बलूचिस्तान में जारी है संघर्ष
बलूचिस्तान में कई लोगों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद वे एक आजाद देश के तौर पर रहना चाहते थे। लेकिन बिना उनकी मर्जी से उन्हें पाकिस्तान में शामिल कर दिया गया था। ऐसा नहीं हुआ इस वजह से बलूचिस्तान में सेना और लोगों का संघर्ष आज भी जारी है। अब इस हमले ने पाकिस्तान सरकार और सेना के लिए एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि BLA इस कार्रवाई के जरिए एक खास डील करना चाहता हैं, जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को बंद करने की मांग शामिल है। BLA बलूचिस्तान को पाकिस्तानी सरकार और चीन से मुक्ति दिलाना चाहता है। उनका मानना है कि बलूचिस्तान के संसाधनों पर उनका हक है।
चीन के कई प्रोजेक्ट्स का विरोध कर रहे बलूचिस्तानी
बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है, और BLA इस क्षेत्र की स्वायत्तता और चीन के निवेश के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। उसका मानना है कि CPEC परियोजना बलूचिस्तान के संसाधनों का शोषण कर रही है, जबकि स्थानीय लोगों को इससे कोई फायदा नहीं मिल रहा। वहीं, चीन ने ग्वादर बंदरगाह सहित कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में भी निवेश किया है, जिससे बलोच लोगों की असहमति बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों को ग्वादर में प्रवेश करने के लिए स्पेशल परमिशन लेनी पड़ती है। इतना ही नहीं, वहां के लोगों को मछली पकड़ने तक पर पाबंदी लगी है, जिससे वहां रहने वालों की आजीविका पर भी काफी असर पड़ा है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












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