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Pakistan Train Hijack: ट्रेन हाईजैक के पीछे भारत और तालिबान का हाथ, पाकिस्तान सरकार का आरोप

Pkaistan Train Hijack

Jaffar Express Train Hijack: पाकिस्तान में मंगलवार को बलोच लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army) ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक(Pakistan Train Hijack) कर लिया है। जिसमें 500 से ज्यादा यात्री सवार थे। जिनमें से सामान्य नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को रिहा कर दिया गया है और पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) के जवानों, खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों और पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) के अधिकारियों-कर्मचारियों को बंधक बनाकर रखा गया है। अब इस आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ(Shahbaz Sharif) के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने ट्रेन हाईजैक को लेकर भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत इस हमले के पीछे है और अफगानिस्तान के अंदर से इन हमलों को संचालित कर रहा है।

बलूचिस्तान ट्रेन हाईजैक के पीछे भारत और तालिबान का हाथ

शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा है कि ‘ट्रेन अपहरण कांड (Pakistan Train Hijack) के पीछे भारत के हाथ हैं। उन्होंने डॉन से बात करते हुए कहा है कि “अफगानिस्तान के अंदर से भारत इन्हें ऑपरेट कर रहा है।” उन्होंने पाकिस्तानी समाचार एजेंसी डॉन से बातचीत में कहा, ‘अफगानिस्तान के अंदर से भारत इन हमलों को संचालित कर रहा है’ जब डॉन के एंकर ने उनसे पूछा, ‘क्या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूच विद्रोहियों के बीच कोई संबंध है? क्या TTP बलूचों को समर्थन देता है?’ तो इसके जवाब में राणा सनाउल्लाह ने कहा, ‘ये सब इंडिया कर रहा है, इसमें कोई शक नहीं है। इसके बाद बलूच विद्रोहियों को अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाना मिल जाता है।’ राणा सनाउल्लाह ने आगे कहा कि “अफगानिस्तान में बैठकर वे हर तरह की साजिश रचते हैं। पाकिस्तान के दुश्मन सक्रिय हैं और इसमें अब कोई दूसरी राय नहीं है। यह न तो कोई राजनीतिक मसला है और न ही किसी एजेंडे का हिस्सा, बल्कि एक साजिश है।”

राणा सनाउल्लाह ने अफगान सरकार को दी चेतावनी

राणा सनाउल्लाह ने अफगान सरकार(Afghanistan) को कड़ी चेतावनी दी कि यदि इन गतिविधियों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो पाकिस्तान खुद कार्रवाई करते हुए ठिकानों को निशाना बनाएगा। राणा सनाउल्लाह ने कहा कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद विद्रोही अधिक सक्रिय हो गए हैं और उन्हें अफगानिस्तान में खुलेआम गतिविधियां चलाने की छूट मिल गई है। वहीं भारत सरकार ने अब तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की सरकार आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है। बलूचिस्तान में लंबे समय से आजादी की मांग उठती रही है और बलूच विद्रोहियों का सरकार के खिलाफ विद्रोह जारी है।

चीन के कई प्रोजेक्ट्स का विरोध कर रहे बलूचिस्तानी

3बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है, और BLA इस क्षेत्र की स्वायत्तता और चीन के निवेश के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। उसका मानना है कि CPEC परियोजना बलूचिस्तान के संसाधनों का शोषण कर रही है, जबकि स्थानीय लोगों को इससे कोई फायदा नहीं मिल रहा। वहीं, चीन ने ग्वादर बंदरगाह सहित कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में भी निवेश किया है, जिससे बलोच लोगों की असहमति बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों को ग्वादर में प्रवेश करने के लिए स्पेशल परमिशन लेनी पड़ती है। इतना ही नहीं, वहां के लोगों को मछली पकड़ने तक पर पाबंदी लगी है, जिससे वहां रहने वालों की आजीविका पर भी काफी असर पड़ा है।

 

Mukul Dwivedi
Author: Mukul Dwivedi

I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.

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