पाकिस्तान ने पूरी दुनिया में करवा ली खुद की बेइज्जती, PAK मीडिया बोली- इस्लामाबाद आएंगे ट्रंप, सच्चाई पता चली तो उड़ा मजाक
हाल ही में पाकिस्तान की मीडिया एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर हंसी का पात्र बन गई है। इस बार मामला पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित “पाकिस्तान दौरे” को लेकर है। पाक मीडिया में दावा किया गया कि ट्रंप इस साल सितंबर में इस्लामाबाद का दौरा करेंगे। लेकिन जल्द ही सच्चाई सामने आ गई — ट्रंप दरअसल ब्रिटेन की महारानी के विशेष निमंत्रण पर यूके का दौरा करने वाले हैं, न कि पाकिस्तान का।
इस ‘गफलत’ के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की जमकर खिल्ली उड़ रही है। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #TrumpInUK और #PakMediaFail जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। यह खबर सबसे पहले पाकिस्तानी मीडिया चैनल्स ने धूमधाम से चलाई थी, जिसमें कहा गया कि ट्रंप पाकिस्तान-चीन संबंधों पर चर्चा के लिए इस्लामाबाद आएंगे। लेकिन जैसे ही अमेरिकी सूत्रों और ब्रिटिश मीडिया से वास्तविक जानकारी सामने आई, पूरी कहानी ही पलट गई।
गलत रिपोर्टिंग का नमूना या रणनीतिक भ्रम?
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी मीडिया इस तरह की अफवाहों को बढ़ावा देती दिखाई दी हो। इससे पहले भी कई बार झूठे बयान, फ़ेक इंटरव्यू और तथ्यों से परे रिपोर्टिंग देखने को मिली है। कई जानकार मानते हैं कि यह जानबूझ कर किया गया मीडिया स्पिन हो सकता है ताकि घरेलू मोर्चे पर जनता को ‘अंतरराष्ट्रीय मान्यता’ का भ्रम दिया जा सके।
डोनाल्ड ट्रंप का असली शेड्यूल क्या है?
अमेरिकी और ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप सितंबर 2025 में ब्रिटेन का दौरा करने जा रहे हैं। यह दौरा ब्रिटिश राजपरिवार और कंजरवेटिव पार्टी नेताओं से मुलाकात के लिए आयोजित किया गया है। वहां किसी भी प्रकार की “पाकिस्तान यात्रा” का ज़िक्र नहीं है। ट्रंप के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से बताया है कि फिलहाल उनकी किसी भी एशियाई देश की यात्रा की योजना नहीं है।
सोशल मीडिया का रिएक्शन
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एक यूजर ने लिखा: “पाकिस्तान को ट्रंप से ज़्यादा कल्पना शक्ति मिली हुई है।”
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दूसरे ने ट्वीट किया: “अब तो ट्रंप भी कहेंगे – मैंने कब कहा मैं पाकिस्तान आ रहा हूं?”
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कुछ ने तो मीम्स बनाकर “Trump in Islamabad” के पोस्टर भी बना डाले जिसमें बैकग्राउंड में बिरयानी और गधे की गाड़ी दिखाई गई।
कूटनीतिक प्रभाव
भले ही यह मामला हंसी का विषय हो, लेकिन इससे पाकिस्तान की कूटनीतिक छवि पर असर जरूर पड़ा है। दुनिया भर के राजनयिक इस ‘मीडिया मिस्टेक’ को गंभीरता से देख रहे हैं। किसी भी देश की विश्वसनीयता उसकी सूचना प्रणाली और मीडिया पर आधारित होती है। ऐसे में फर्जी खबरों का फैलाव देश की साख को कमजोर करता है।
जहां दुनिया भर के देश सटीक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं पाकिस्तान की मीडिया का यह रवैया ना केवल हास्यास्पद है बल्कि कूटनीतिक रूप से हानिकारक भी है। ट्रंप पाकिस्तान नहीं, बल्कि यूके जा रहे हैं — यह सच्चाई जैसे ही सामने आई, पूरे घटनाक्रम ने एक मज़ाक का रूप ले लिया।
तो अगली बार जब कोई बड़ी खबर पाकिस्तानी मीडिया से आए, तो दो बार जांचना न भूलें!












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