बिहार से होगा देश का अगला उपराष्ट्रपति? जेपी नड्डा ने की रामनाथ ठाकुर से मुलाकात, सियासी हलचल तेज
लेखक: [Rahul Chandre] | अपडेट: 24 जुलाई 2025
“राजनीति में मुलाकातें सिर्फ औपचारिक नहीं होतीं, उनमें संकेत छिपे होते हैं।”
जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बिहार के पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर के आवास पर पहुंचे, तो राजनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई।
ऐसा पहली बार नहीं हो रहा कि किसी राजनीतिक मुलाकात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो, लेकिन इस बार बात उपराष्ट्रपति पद से जुड़ी है, और इसकी टाइमिंग बहुत कुछ कहती है।
🧾 पृष्ठभूमि: जगदीप धनखड़ का इस्तीफा और खाली हुआ पद
देश के वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस अप्रत्याशित कदम के बाद से अब नई नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
भारतीय संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव 6 महीने के भीतर कराया जाना अनिवार्य होता है। ऐसे में सत्ताधारी दल BJP के पास एक मजबूत, सर्वमान्य और रणनीतिक रूप से सही चेहरा लाना एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।
🧓🏻 रामनाथ ठाकुर: एक संभावित दावेदार?
रामनाथ ठाकुर का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने उनके राजनीतिक अनुभव, सामाजिक पृष्ठभूमि और बिहार से उनका गहरा जुड़ाव जैसे बिंदुओं को सामने रखा है।
वे लोकनायक जयप्रकाश नारायण के करीबी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के पुत्र हैं। इसके अलावा वे राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं और केंद्र सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं।
🔍 बिहार का समीकरण क्यों है अहम?
2024 के लोकसभा चुनाव में BJP ने बिहार में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन JDU और अन्य सहयोगियों की नाराजगी साफ देखी जा रही है। ऐसे में अगर उपराष्ट्रपति पद के लिए किसी बिहार के चेहरे को लाया जाता है, तो यह न केवल सहयोगियों को साधने की कोशिश होगी, बल्कि 2026 में होने वाले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की भी तैयारी मानी जा सकती है।
🗣️ जेपी नड्डा की मुलाकात: महज औपचारिकता या बड़ा संकेत?
जेपी नड्डा का रामनाथ ठाकुर से व्यक्तिगत रूप से मिलना अपने आप में कई राजनीतिक संदेश देता है। खासकर तब जब कोई चुनाव नहीं हो रहा, और मुलाकात को “सौजन्य भेंट” बताया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो नड्डा की यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि “सीरियस पॉलिटिकल स्कैनिंग” का हिस्सा है।
🧩 अन्य संभावित दावेदार कौन?
हालांकि रामनाथ ठाकुर का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, लेकिन कुछ अन्य नाम भी राजनीतिक हलकों में घूम रहे हैं, जैसे:
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ओम माथुर – संगठन के मजबूत चेहरे
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के. लक्ष्मण – दक्षिण भारत में पार्टी का बढ़ता प्रभाव
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अरुण साव – आदिवासी समुदाय से संभावित नाम
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राधा मोहन सिंह – वरिष्ठ और अनुभवी नेता, बिहार से ही

रामनाथ ठाकुर अगला उपराष्ट्रपति?
📱 सोशल मीडिया पर चर्चाएं
जैसे ही रामनाथ ठाकुर और जेपी नड्डा की मुलाकात की खबर फैली, ट्विटर पर #VicePresident2025 और #RamnathThakur ट्रेंड करने लगे।
लोगों ने तरह-तरह के मीम्स, विश्लेषण और भविष्यवाणियों से सोशल मीडिया भर दिया। कुछ ने इस संभावित नाम को “सामाजिक न्याय का चेहरा” कहा, तो कुछ ने इसे BJP की राजनीतिक चतुराई बताया।
उपराष्ट्रपति पद से कहीं ज़्यादा है ये मुलाकात
रामनाथ ठाकुर और जेपी नड्डा की मुलाकात जितनी साधारण दिख रही है, उतनी है नहीं।
यह आने वाले राजनीतिक समीकरणों, जातीय संतुलन और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा को तय कर सकती है।
भविष्य क्या है, यह तो समय बताएगा। लेकिन इतना तय है कि 2025 का उपराष्ट्रपति चुनाव सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीति की नई पटकथा का आरंभ होगा।
जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बिहार के पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर के आवास पर पहुंचे, तो राजनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई।
ऐसा पहली बार नहीं हो रहा कि किसी राजनीतिक मुलाकात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो, लेकिन इस बार बात उपराष्ट्रपति पद से जुड़ी है, और इसकी टाइमिंग बहुत कुछ कहती है।












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