ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ भारत के साथ आया ब्राजील, पीएम मोदी और लूला की मीटिंग से बना नया व्यापारिक रोडमैप
क्या अमेरिका की ‘अकेले खेलो’ नीति के खिलाफ अब दक्षिणी देशों का गठबंधन बन रहा है?
हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूइस इनासियो लूला दा सिल्वा के बीच हुई महत्वपूर्ण बातचीत से यही संकेत मिलते हैं। इस बातचीत में केवल सामान्य द्विपक्षीय रिश्तों की बात नहीं हुई, बल्कि दोनों देशों ने मिलकर ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ एक साझा रणनीति बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है।
By [Rahul Chandre] | August 7, 2025 |
🔥 ट्रंप का टैरिफ टूल और उभरते बाजारों पर असर

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं और उनके बयानों से ये साफ है कि अगर वे सत्ता में लौटे, तो वे फिर से आयात शुल्क (tariffs) को अमेरिका की आर्थिक रणनीति का हथियार बनाएंगे।
ट्रंप ने हाल ही में भारत, ब्राजील, वियतनाम और अन्य उभरते बाजारों पर “अमेरिका को नुकसान पहुंचाने” का आरोप लगाते हुए टैरिफ बढ़ाने की बात कही है।
भारत पहले ही इस एकतरफा रवैये का अनुभव कर चुका है। ऐसे में ब्राज़ील का भारत के साथ आकर खड़ा होना एक बड़ी भू-राजनीतिक घटना है।
🤝 मोदी-लूला की बातचीत: व्यापार से आगे बढ़कर रणनीतिक साझेदारी
पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच हालिया वर्चुअल मीटिंग में दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की:
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2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $20 अरब से ऊपर ले जाने का लक्ष्य।
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टैरिफ के मुद्दे पर WTO में संयुक्त प्रयास।
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कृषि, टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी में संयुक्त निवेश।
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Global South में नेतृत्व की भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता।
ब्राज़ील और भारत दोनों ही BRICS और G20 के अहम सदस्य हैं। इन मंचों पर दोनों देशों का सहयोग पहले से मजबूत है, लेकिन अब यह वाणिज्यिक स्तर पर भी गहराता नजर आ रहा है।
🌎 Global South का जवाब: सहयोग, संघर्ष नहीं
यह मीटिंग केवल व्यापार तक सीमित नहीं रही। दोनों नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि दक्षिणी गोलार्ध के देशों को एकजुट होकर वैश्विक शक्ति संतुलन में अपनी जगह मजबूत करनी होगी।
“अब समय आ गया है कि विकासशील देश मिलकर नियम तय करें, सिर्फ उन्हें मानें नहीं।” – लूला दा सिल्वा
🌱 क्या बनेगा नया रणनीतिक रोडमैप?
मोदी और लूला ने आने वाले महीनों में कुछ ठोस कदमों पर सहमति जताई:
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भारत-ब्राज़ील संयुक्त व्यापार परिषद की स्थापना
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टैरिफ नीति पर संयुक्त अध्ययन समूह (Joint Study Group) का गठन
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हर 6 महीने में द्विपक्षीय समीक्षा बैठकें
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लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए साझा प्लेटफॉर्म
📊 आंकड़ों में भारत-ब्राज़ील व्यापार
| वर्ष | द्विपक्षीय व्यापार ($ अरब) |
|---|---|
| 2022 | 11.4 |
| 2023 | 13.6 |
| 2024 | 16.8 |
| 2030 (लक्ष्य) | 20+ |
यह आंकड़े दिखाते हैं कि भारत और ब्राज़ील का व्यापार पहले से ही तेजी से बढ़ रहा है, और अब यह रणनीतिक साझेदारी इसे और गति देने वाली है।
\अमेरिका के आगे अब ‘Global South’ भी बोलेगा
ट्रंप के संभावित टैरिफ हमलों से पहले ही भारत और ब्राज़ील ने मिलकर एकजुटता का संदेश दे दिया है। जहां एक तरफ पश्चिमी देश अपनी संरक्षणवादी नीतियों की ओर लौटते दिख रहे हैं, वहीं भारत और ब्राज़ील जैसे देश साझा विकास और सहयोग की नीति को आगे बढ़ा रहे हैं।
ये दोस्ती सिर्फ व्यापार की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था की ओर एक कदम है। क्या अमेरिका की ‘अकेले खेलो’ नीति के खिलाफ अब दक्षिणी देशों का गठबंधन बन रहा है?
हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूइस इनासियो लूला दा सिल्वा के बीच हुई महत्वपूर्ण बातचीत से यही संकेत मिलते हैं। इस बातचीत में केवल सामान्य द्विपक्षीय रिश्तों की बात नहीं हुई, बल्कि दोनों देशों ने मिलकर ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ एक साझा रणनीति बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है।
ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ भारत के साथ आया ब्राजील, पीएम मोदी और लूला की मीटिंग से बना नया व्यापारिक रोडमैप
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