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पुतिन मोदी का आलिंगन, जिनपिंग संग तालमेल और शहबाज की फजीहत: पीएम मोदी के चीन दौरे की 10 बड़ी बातें

पुतिन मोदी का आलिंगन, जिनपिंग संग तालमेल

पुतिन मोदी का आलिंगन, जिनपिंग संग तालमेल और शहबाज की फजीहत: पीएम मोदी के चीन दौरे की 10 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में उनकी मौजूदगी, नेताओं से मुलाकात और संगठन की घोषणाओं ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा की है. इस दौरे में जहां रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें गले लगाकर गर्मजोशी दिखाई, वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी ट्यूनिंग सबका ध्यान खींच गई. दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की फजीहत भी चर्चा का विषय बनी रही. आइए जानते हैं इस दौरे की 10 बड़ी बातें.

1. रेड कारपेट पर भव्य स्वागत

पीएम मोदी के चीन पहुंचने पर उन्हें रेड कारपेट पर भव्य स्वागत दिया गया. यह संकेत था कि चीन रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करने का इच्छुक है.

2. पुतिन का आलिंगन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मोदी को गले लगाकर अपने करीबी रिश्तों का संदेश दिया. यह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई और भारत-रूस दोस्ती की मजबूती को दर्शाती रही.

3. जिनपिंग के साथ सकारात्मक मुलाकात

शी जिनपिंग और पीएम मोदी की मुलाकात ने सबका ध्यान खींचा. दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति, व्यापार संतुलन और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन प्रतिद्वंदी नहीं, बल्कि साझेदार हैं.

4. शहबाज शरीफ की फजीहत

SCO मंच पर भले ही शहबाज शरीफ मौजूद रहे, लेकिन उन्हें वह अहमियत नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी. भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण रहे हैं और इस सम्मेलन में भी यह साफ दिखा.

5. SCO का घोषणा पत्र और पहलगाम हमला

सम्मेलन के अंत में जारी घोषणा पत्र में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की गई. इसमें मारे गए लोगों और घायलों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गईं. यह भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है.

6. ऊर्जा और आर्थिक सहयोग पर चर्चा

भारत ने SCO देशों के सामने ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूती देने का मुद्दा उठाया. पीएम मोदी ने कहा कि एशिया को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए.

7. वैश्विक राजनीति को संदेश

इस दौरे ने अमेरिका और पश्चिमी देशों को साफ संदेश दिया कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है. चाहे रूस हो या चीन, भारत अपनी रणनीतिक ऑटोनॉमी बनाए रखेगा.

8. ग्रुप फोटो सेशन की तस्वीरें

ग्रुप फोटो सेशन में मोदी, पुतिन, जिनपिंग और शहबाज एक साथ दिखे. यह दृश्य सोशल मीडिया पर खूब छाया रहा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शक्ति संतुलन पर चर्चाएं तेज हो गईं.

9. भारत की साख में इजाफा

इस दौरे ने भारत की अंतरराष्ट्रीय साख को और मजबूत किया. वैश्विक मंच पर मोदी का नेतृत्व और भारत की स्वतंत्र नीति की चर्चा दुनिया भर में हुई.

10. भविष्य की संभावनाएं

इस मुलाकात ने भविष्य के सहयोग की दिशा भी तय कर दी. भारत-रूस की दोस्ती और मजबूत होगी, चीन के साथ संवाद का नया रास्ता खुलेगा और SCO मंच पर भारत की भूमिका और अहम हो जाएगी.

पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ एक सम्मेलन में भागीदारी नहीं था, बल्कि एशिया और वैश्विक राजनीति में भारत की सक्रिय भूमिका का ऐलान भी था. पुतिन का आलिंगन, जिनपिंग के साथ तालमेल और शहबाज की फजीहत—ये तीनों तस्वीरें इस दौरे की असली कहानी बयान करती हैं. वहीं, पहलगाम हमले की निंदा भारत की कूटनीतिक सफलता है. अब देखना होगा कि इन संकेतों के बाद भारत अपने पड़ोसियों और साझेदारों के साथ रिश्तों को किस दिशा में ले जाता है.


 

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