लोकसभा चुनाव 2024 के लिए जारी मतदान के बीच केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत सिटीजनशिप सर्टिफिकेट का पहला सेट जारी कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, CAA के तहत पहली बार 14 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी गई है। केंद्रीय गृह सचिव ने बुधवार (15 मई) को 14 शरणार्थियों को सिटीजनशिप सर्टिफिकेट सौंपे। ये शरणार्थी पिछले कई साल से भारत की नागरिकता पाने की जद्दोजहद में लगे हुए थे.भारत की नागरिकता का सर्टिफिकेट मिलने के बाद एक पूर्व शरणार्थी ने अपनी खुशी जाहिर की और कहा, ”हमें बहुत अच्छा लग रहा है. हम 2014 में आए थे, जब CAA पास हुआ था तो खुशी हुई थी और आज ज्यादा खुशी हो रही है.”
MHA ने 14 आवेदकों को सौंपे सर्टिफिकेट
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि जनगणना संचालन निदेशक की अध्यक्षता में अधिकार प्राप्त समिति ने उचित जांच के बाद 14 आवेदकों को नागरिकता देने का फैसला किया है. इसके बाद जनगणना संचालन निदेशक ने इन आवेदकों को प्रमाण पत्र दिए. नागरिकता (संशोधन) कानून में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का प्रावधान है. इसमें मुसलमानों को शामिल नहीं किया गया है.
2014 से पहले भारत आए शरणार्थियों को मिलेगी नागरिकता
सीएए के तहत भारतीय नागरिकता पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, इसके लिए सबसे पहले भारत में आने की तारीख बतानी होगी. दस्तावेजों के जन्म प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, तीनों पड़ोसी मुल्कों का कोई भी सरकारी प्रमाण पत्र चाहे वो लाइसेंस हो या शैक्षणिक. इसके अलावा आवेदक को एक पात्रता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जो यह पुष्टि करे कि आवेदक हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी, ईसा या जैन समुदाय का हो. शर्त यह है कि आवेदन लेने वाला 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत का शरणार्थी बन चुका हो.
11 मार्च को देश में लागू हुआ था CAA
केंद्र सरकार ने इसी साल 11 मार्च को नागरिकता संशोधन अधिनियम यानी सीएए को लागू किया था. इस अधिनियम के तहत भारत के तीन पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से सताए गए अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दी जानी है.इससे पहले9 दिसंबर, 2019 को इसे लोकसभा से और दो दिन बाद राज्यसभा से पारित किया गया था. इसे 12 दिसंबर, 2019 को राष्ट्रपति की सहमति मिली. कानून पारित होने के तुरंत बाद देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे. चार साल पहले कानून बनने के बावजूद नियमों को अधिसूचित नहीं किए जाने के कारण सीएए को लागू नहीं किया जा सका था.
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.











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