देश में मॉनसून की एंट्री के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश देखने को मिल रही है। इस बीच हिमाचल प्रदेश(Himachal Pradesh) के कई जिलों में बादल फटने की घटना सामने आई है। कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में भारी बारिश और बादल फटने से जनजीवन अस्त व्यस्त है। कुल्लू के बाद अब कांगड़ा में एक हाईड्रो प्रोजेक्ट के पास खड्ड में फ्लैश फ्लड आने से 15 से 20 मजदूर बह गए। दो मजदूरों के शव बरामद हुए हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। कांगड़ा जिले के खनियारा गांव में आपातकालीन राहत टीमें, जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां से दो शव बरामद किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित लोगों की कुल संख्या का अभी तक अनुमान नहीं लगाया जा सका है।
बादल फटने और भारी बारिश के कारण मची तबाही
बादल फटने और भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ आने से लोगों का भारी नुकसान हुआ है। सड़कें बाधित हो गई हैं और घरों में पानी घुस गया है। इसमें मणिकर्ण घाटी, सैंज और बंजार में बाढ़ आने से कई घरों में पानी घूस गया है। सैंज के जीवा नाले में आई बाढ़ से सिंयूड में एनएचपीसी के शेड बह गए हैं। जबकि बिहाली गांव को खतरा बना हुआ है। इसके अलावा सैंज बाजार में एक कैंपर, स्कूटी बह गई है। सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। बाढ़ आने की सूचना मिलते ही लोगों में अफरा तफरी मच गई। इसके बाद लोगों ने अपने मकान खाली करने शुरू कर दिए हैं। सैंज घाटी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है, क्योंकि नाले का पानी कभी भी रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकता है।
2,000 से अधिक पर्यटक फंसे, रेस्क्यू ऑपेरशन जारी
एसडीआरएफ की टीमें मौके पर हैं और रेस्क्यू ऑपेरशन जारी है। सैंज घाटी के शैंशर, शांघड़ और सुचैहन पंचायत क्षेत्रों में 150 से अधिक पर्यटक वाहनों के साथ 2,000 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं। सिउंड के पास मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें क्षेत्र से बाहर निकलने का रास्ता नहीं है। लाहौल में भी 25 पर्यटक फंसे हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव दल को अलर्ट पर रखा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उधर, तीर्थन घाटी के हुरनगाड़ में बादल फटने से भारी नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इसमें दो गाड़ियों के बहने व दो मकान के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है।
हिमाचल में अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश(Himachal Pradesh) में भारी बारिश से कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में जनजीवन अस्त व्यस्त है। प्रदेश में औट-बजार-सैंज एनएच-305 समेत 171 सड़कें और 550 बिजली ट्रांसफार्मर ठप चल रहे हैं। बुधवार को गगल हवाई अड्डा पर चार विमान उतरे, लेकिन दिल्ली और शिमला के लिए दो उड़ानें रद्द हो गईं। शिमला और कुल्लू से कोई उड़ान नहीं हुई। प्रशासन द्वारा स्थानीय लोगों को एहतियाती रूप से सावधान रहने को लेकर चेतावनी जारी की गई है, साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वो नदी-नालों के किनारे न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली चेतावनी पर ध्यान दें। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश और कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.











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