सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली की आतिशी सरकार ने प्लान तैयार किया है। दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने पर फिर से ऑड-ईवन लागू किया जा सकता है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, ‘हमारी सरकार ‘मिलकर चलें, प्रदूषण से लड़ें’ थीम पर चलकर हमारी सरकार विंटर एक्शन प्लान पर काम करेगी।’ बीते दिनों ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों के उत्पादन, बिक्री तथा उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था। इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि प्रदूषण से निपटने के लिए 21 सूत्री कार्य योजना लागू की जाएगी।
‘मिलकर चलें, प्रदूषण से लड़ें’ थीम पर होगा काम
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ‘NCR के राज्यों में बढ़ने वाले प्रदूषण स्तर का प्रभाव दिल्ली पर पड़ता है। प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए केंद्र सरकार की भी ज़रूरत हमें पड़ती है। जब सभी एजेंसियां और सरकारें मिलकर काम करेंगी, तभी प्रभावी तरीके से प्रदूषण से लड़ा जा सकता है।’ इसीलिए हमारी सरकार ‘मिलकर चलें, प्रदूषण से लड़ें’ थीम पर चलकर हमारी सरकार विंटर एक्शन प्लान पर काम करेगी।
सरकार ने ऑड-ईवन लागू करने के दिए संकेत
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सभी एजेंसियों-निजी और सरकारी के पास 7 अक्टूबर तक का समय है, अगर वे तब तक मापदंडों पर खरे नहीं उतरे तो उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए 500 मीटर से अधिक के सभी निर्माण स्थलों पर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। सरकार ने एक बार फिर से राजधानी में ऑड-ईवन लागू करने के संकेत दिए हैं। सरकार 1 से 15 नवंबर के बीच दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराने की भी तैयारी कर रही है। ऑड-ईवन योजना एक यातायात प्रबंधन प्रणाली है जिसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या को कम करके वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है। इस योजना के तहत, गाड़ियों के पंजीकरण नंबर के आधार पर उन्हें चलाने की अनुमति दी जाती है।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर बढ़ा
राष्ट्रीय राजधानी में मॉनसून के आखिरी दिनों में मंगलवार को वायु गुणवत्ता ‘‘खराब’’ श्रेणी में दर्ज की गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, रात नौ बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 204 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ तथा 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












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