पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। स्पेन के खिलाफ टीम इंडिया ने ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है। कांस्य पदक के मुकाबले में भारत ने स्पेन को 2-1 से हरा दिया है। भारत ने लगातार दूसरे ओलंपिक गेम्स में कांस्य पदक जीता है। इससे पहलो टोक्यो में भारत ने ये कारनामा किया था। भारतीय टीम की कोशिश इस मैच को जीत अपना ब्रॉन्ज मेडल बनाए रखने और अपने स्टार गोलकीपर पीआर श्रीजेश को ओलंपिक मेडल के साथ विदाई देने की थी। टीम इंडिया ने शुरुआत में ही अटैक किया। छठे मिनट में हरमनप्रीत ने स्पेन की डी में एंट्री ली और एक मौका बनाया। हरमन अपने आप को अंजाम तक नहीं पहुंचा सके।
हरमनप्रीत सिंह ने कराई टीम इंडिया की वापसी
भारत और स्पेन के बीच ब्रॉन्ज मेडल के लिए रोमांचक मुकाबला खेला गया। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच हाई-वोल्टेज एक्शन देखने को मिला, इस दौरान दोनों ही टीम में से कोई गोल नहीं कर सका।इसके बाद स्पेन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और उन्होंने इसे आसानी से गोल में तब्दील कर दूसरे क्वार्टर में बढ़त हासिल कर ली, हालांकि टीम इंडिया के लिए भारतीय कप्तान हरमपनप्रीत सिंह शानदार वापसी कराई, और दूसरे क्वार्टर की समाप्ति से पहले पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागकर टीम को 1-1 की बराबरी दिला दी। हाफ टाइम तक मैच बराबरी पर रहा। तीसरे क्वार्टर में भारत ने शुरुआती मिनटों में काफी बेहतर प्रदर्शन किया। हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर एक और गोल दागकर टीम को 2-1 से बढ़त दिला दी।
कुछ ऐसा रहा हॉकी इंडिया का ओलंपिक सफर
पेरिस ओलंपिक में भारत को ग्रुप स्टेज में पूल बी में रखा गया था। भारतीय टीम अपने ग्रुप में पांच में से तीन मैच जीतकर दूसरे स्थान पर रहा था। इस दौरान एक मैच ड्रॉ रहा था और एक में टीम इंडिया को हार मिली थी। ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया को एकमात्र हार बेल्जियम के खिलाफ मिली थी। साथ ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया को भी हराया था। फिर क्वार्टर फाइनल में भारत ने ब्रिटेन को हराया था। हालांकि, सेमीफाइनल में भारतीय टीम को जर्मनी के हाथों हार मिली। और अब कांस्य पदक के मुकाबले में भारत ने स्पेन को 2-1 से हरा दिया
52 साल बाद भारतीय टीम का बड़ा कारनामा
हॉकी में टीम इंडिया ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ ही एक बड़ा कारनामा किया। हॉकी में भारत का यह चौथा ब्रॉन्ज मेडल है। इसके अलावा देश ने ओलंपिक इतिहास में सबसे ज्यादा 8 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल भी जीता है। पिछले यानी टोक्यो ओलंपिक में भी भारत ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। आखिरी बार ओलंपिक 1972 वो पल था। जब भारत ने लगातार दो ओलंपिक में कोई भी मेडल जीता था। भारत ने ओलंपिक 1968 और 1972 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद अब जाकर भारत ने लगातार दो ओलंपिक में मेडल अपने नाम किए हैं। टोक्यो ओलंपिक और पेरिस ओलंपिक भारत के हॉकी इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। ये दो ओलंपिक भारतीय हॉकी के सुनहरे दौर की वापसी के संकेत रहे। इससे पहले 1960 से 1972 तक भारत ने हॉकी में लगातार 4 मेडल जीते थे। फिर 1976 ओलंपिक में देश को कोई मेडल नहीं मिला. इसके बाद 1980 में गोल्ड जीता था।
पीआर श्रीजेश ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी को कहा अलविदा
भारतीय हॉकी टीम के दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कह दिया है। पेरिस ओलंपिक में स्पेन के खिलाफ भारत के कांस्य पदक जीतते ही श्रीजेश का सफर समाप्त हो गया। इसके बाद श्रीजेश भावुक होकर मैदान पर ही लेट गए। बाकी खिलाड़ी दौड़ते हुए उनके पास पहुंचे और जश्न में उनकी पीठ थपथपाने लगे। फिर जैसे ही श्रीजेश खड़े हुए, सभी भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया और उनके आगे नतमस्तक हो गए। उन्होंने करियर में 336 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












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