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Jagdeep Dhankhar Resigns: मानसून सत्र के बीच उपराष्ट्रपति का इस्तीफा, बोले- ‘तत्काल प्रभाव से…’

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसद के मानसून सत्र के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

Jagdeep Dhankhar Resigns: मानसून सत्र के बीच उपराष्ट्रपति का इस्तीफा, बोले- ‘तत्काल प्रभाव से…’

by [RAHUL CHANDRE] |

Updated: 22 जुलाई 2025


“कुछ निर्णय दिल से लिए जाते हैं, और कुछ हालातों से मजबूर होकर।”
ठीक ऐसा ही आज महसूस हुआ जब भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। संसद का मानसून सत्र चल रहा है और ऐसे समय में यह कदम कई सवाल छोड़ गया है।


📜 इस्तीफे का कारण: स्वास्थ्य या सियासत?

धनखड़ जी ने अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। उनका कहना है कि उन्हें कुछ चिकित्सकीय सलाहों का पालन करना है, जिसके चलते वे उपराष्ट्रपति जैसे अहम संवैधानिक पद पर अपना 100% नहीं दे पाएंगे। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर उनका आभार भी प्रकट किया और अपने इस्तीफे को “तत्काल प्रभाव से” स्वीकार करने का निवेदन किया।


🏛️ राजनीतिक गलियारों में हलचल

धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होनी है। विपक्ष इसे “नाटकीय फैसला” कह रहा है, वहीं सत्ता पक्ष में भी हलचल देखी जा रही है। कई वरिष्ठ सांसदों ने निजी तौर पर इसे “अनपेक्षित और भावुक कदम” बताया है।


💬 जनता की प्रतिक्रियाएं

सोशल मीडिया पर ये खबर आते ही ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #JagdeepDhankhar और #VicePresident ट्रेंड करने लगे। कुछ लोग उनके फैसले का समर्थन कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं, वहीं कुछ ने इसे सियासी संकेत भी बताया।


🔍 क्या इससे राष्ट्रपति पद पर असर पड़ेगा?

कानूनी रूप से नहीं। लेकिन एक उपराष्ट्रपति का इस्तीफा, खासतौर पर जब वह राज्यसभा के सभापति भी होते हैं, संसद की कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है। जब तक नया उपराष्ट्रपति नहीं चुना जाता, तब तक कार्यवाहक सभापति की भूमिका कोई वरिष्ठ सदस्य निभाएगा।


🔁 क्या जल्द होंगे उपराष्ट्रपति चुनाव?

भारत के संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद 6 महीनों के भीतर नया चुनाव कराना जरूरी होता है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग कितनी जल्दी इस पर प्रक्रिया शुरू करता है। अटकलें हैं कि नए चेहरों की तलाश अभी से शुरू हो गई है।


🌐 क्या यह फैसला पहले से तय था?

कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह इस्तीफा अचानक नहीं था। पिछले कुछ महीनों में धनखड़ की सार्वजनिक गतिविधियां सीमित हो गई थीं। वह कुछ प्रमुख कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हुए। ऐसे में उनके इस्तीफे की पृष्ठभूमि पहले से तैयार हो रही थी।


🙏 धनखड़ जी के कार्यकाल की झलक

जगदीप धनखड़ ने 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था। उनका कार्यकाल संविधानिक मर्यादाओं, संसदीय गरिमा और सजगता के लिए जाना जाएगा। वे हमेशा सशक्त, मुखर और संविधान के प्रहरी के रूप में नजर आए।


 इस्तीफे से ज्यादा, संदेश बड़ा है

धनखड़ जी का जाना केवल एक इस्तीफा नहीं, बल्कि एक दौर का अंत है। उनका पद छोड़ना जहां संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है, वहीं यह आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों की शुरुआत भी हो सकती है।

“कुछ निर्णय दिल से लिए जाते हैं, और कुछ हालातों से मजबूर होकर।”
ठीक ऐसा ही आज महसूस हुआ जब भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। संसद का मानसून सत्र चल रहा है और ऐसे समय में यह कदम कई सवाल छोड़ गया है। धनखड़ जी ने अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। उनका कहना है कि उन्हें कुछ चिकित्सकीय सलाहों का पालन करना है, जिसके चलते वे उपराष्ट्रपति जैसे अहम संवैधानिक पद पर अपना 100% नहीं दे पाएंगे। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर उनका आभार भी प्रकट किया और अपने इस्तीफे को “तत्काल प्रभाव से” स्वीकार करने का निवेदन किया।

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Author: newsviewss

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