चारधाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल से होने वाली है। जोरशोर से इसकी तैयारी चल रही है। चारधाम यात्रा के लिए देश-विदेश से भक्त आते हैं। इन चारों धाम में केदारनाथ मंदिर(Kedarnath) एक विश्व विख्यात और प्राचीन मंदिर है। जहां दर्शन के लिए हजारों लोग रोजाना पहुंचते हैं। इस साल यानी 2025 में केदारनाथ मंदिर के पट 2 मई के दिन लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे। ऐसे में यदि आप भी केदारनाथ के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो आपको कुछ नियमों को जरूर जान लेना चाहिए। आइए जानते हैं चारधाम यात्रा से जुड़े नए नियमों के बारे में
रील्स बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध
केदारनाथ मंदिर(Kedarnath) परिसर में इस बार रील्स बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय चारधाम महा पंचायत की बैठक में लिया गया है, जिसमें तय किया गया है कि चारों धामों में रील्स बनाने पर इस यात्रा काल में प्रतिबंध रहेगा। जी हां रील और वीडियो बनाने के लिए केदारनाथ जाने वाले लोगों पर कड़ा एक्शन लेते हुए केदारनाथ मंदिर प्रशासन ने रोक लगा दी है।
मंदिर के 30 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन और कैमरे बैन
पिछले साल लोगों ने देखा कि केदारनाथ मंदिर(Kedarnath) में कई लोग रील/वीडियो बना रहे थे। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें मंदिर समिति की छवि के साथ छेड़छाड़ की गई। इसलिए इस साल मंदिर समिति ने मोबाइल और कैमरे पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर के 30 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन और कैमरे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। इस नए नियम का मकसद भगवान के दर्शन में भक्तों को किसी तरह की कोई दिक्कत न आने देना है. इसका मकसद मंदिर की पवित्रता बनाए रखना है। अब मंदिर के भीतर कोई मोबाइल लेकर नहीं जा सकता है। मंदिर समिति इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए कदम उठाएगा।
रील बनाने वालों को नहीं मिलेंगे दर्शन और भेज दिया जाएगा वापस
दरअसल केदारनाथ-बद्रीनाथ पंडा समाज ने कहा है कि जो श्रद्धालु रील या यूट्यूब वीडियो बनाते पाए गए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ उसे दर्शन से वंचित कर दिया जाएगा और वापस भेज दिया जाएगा। नए नियमों के अनुसार इस साल से मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं को सोशल मीडिया से जुड़ा कोई भी डिवाइज ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की मानें तो मंदिर परिसर में कैमरा और फोन को बैन करने के पीछे कारण श्रद्धालुओं की सुविधा का ख्याल है। इसके अलावा इस नियम के बनने से मंदिर प्रांगण में भक्ति और पवित्रता का माहौल और भी ज्यादा रहेगा। विजय प्रसाद की मानें तो इस नियम का पालन न करने वाले श्रद्धालुओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
2 मई को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट
30 अप्रैल से चारधाम यात्रा की शुरुआत होगी। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे। केदारनाथ(Kedarnath) धाम में 2 मई से दर्शन होंगे। जबकि बद्रीनाथ में 4 मई से दर्शन हो पाएंगे। इस बार चारधाम आने वाले करीब 9 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें से सबसे ज्यादा पौने तीन लाख केदारनाथ धाम के लिए रजिस्टर्ड हुए हैं जबकि 2.24 लाख भक्त बद्रीनाथ धान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यमुनोत्री के लिए 1.34 लाख भक्त और गंगोत्री के लिए 1.38 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है, इसके अलावा 8 हजार श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












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