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Nitin Gadkari का जाति-जाति करने वालों को करारा जवाब, बोले-जो करेगा जात की बात, उसको मारूंगा…

Nitin Gadkari naagpur

केंद्रीय सड़क एवं परविहन मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने एक बार फिर जातिगत राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैं जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करता हूं। चाहे मुझे फिर वोट मिले या न मिले। उन्होंने कहा कि लोग जाति के आधार पर मुझसे मिलने आते हैं। मैंने उन सबसे 50,000 लोगों में कह दिया कि जो करेगा जाति की बात, उसके कस के मारूंगा लात। गडकरी ने आगे कहा है कि किसी व्यक्ति की महानता उसके गुणों से निर्धारित होती है, न कि जाति, धर्म या जेंडर से. गडकरी ने कहा कि वे इस सिद्धांत पर समझौता नहीं करेंगे,भले ही इससे उन्हें चुनावों में नुकसान हो।

नाव हारने या मंत्री पद न मिलने से मैं मर थोड़े ही जाऊंगा-Nitin Gadkari

केंद्रीय मंत्री नागपुर में सेंट्रल इंडिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे इस दौरान उन्होंने कहा कि जब डॉ. अब्दुल कलाम परमाणु वैज्ञानिक बने, तो उन्होंने इतनी उपलब्धियां हासिल कीं कि उनका नाम दुनिया भर में हर किसी तक पहुंच गया। मेरा मानना ​​है कि कोई व्यक्ति जाति, संप्रदाय, धर्म, भाषा या जेंडर से महान नहीं बनता, बल्कि गुणों से महान बनता है। इसलिए हम जाति, संप्रदाय, धर्म, भाषा या जेंडर के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करेंगे। मैं राजनीति में हूं और यहां कई तरह की बातें होती हैं। लेकिन मैंने अपने तरीके से काम करने का फैसला किया है। मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि कौन मुझे वोट देगा। उन्होंने कहा कि मेरे दोस्तों ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए तुम्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था। लेकिन मैंने जीवन में इसी सिद्धांत पर चलने का निश्चय किया है। चुनाव हारने या मंत्री पद न मिलने से मैं मर थोड़े ही जाऊंगा। मैं अपने सिद्धांतों पर अडिग रहूंगा और उन्हें अपने जीवन में लागू करूंगा। शिक्षा से सिर्फ़ आपको और आपके परिवार को ही फ़ायदा नहीं होता। इससे समाज और राष्ट्र का विकास होता है. ज्ञान ही शक्ति है और इस शक्ति को आत्मसात करना आपका मिशन है।

सबसे ज्यादा शिक्षा की आवश्यकता मुस्लिम समाज में है-Nitin Gadkari

नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने अल्पसंख्यक संस्थान के दीक्षांत कार्यक्रम में अल्पसंख्यक और मुस्लिम समुदाय की शिक्षा को लेकर भी बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि जब मैं MLA था, तो मुझे एक इंजीनियरिंग कॉलेज मिला। इससे मैंने अंजुमन इस्लाम को दे दिया। उन्हें लगा कि उन्हें इसकी ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में सबसे ज्यादा शिक्षा की आवश्यकता मुस्लिम समाज में है। मुस्लिम समाज में पांच ही धंधे सबसे लोकप्रिय हुए हैं… चाय की टपरी, पान ठेला, कबाड़ी की दुकान, ट्रक ड्राइवर और क्लीनर। अगर मुस्लिम समुदाय से ज्यादा इंजीनियर, IPS और IAS अधिकारी आएंगे, तो सभी प्रगति करेंगे। हमारे पास पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण है। उन्होंने आगे कहा कि आज अंजुमन-ए-इस्लाम के बैनर तले हज़ारों छात्र इंजीनियर बन चुके हैं। अगर उन्हें पढ़ने का मौका नहीं मिलता, तो कुछ नहीं हो पाता। शिक्षा की यही ताकत है। यह जीवन और समुदायों को बदल सकती है।

Mukul Dwivedi
Author: Mukul Dwivedi

I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.

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