भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी अबु कताल की शनिवार रात पाकिस्तान (Pakistan) में ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। वहीं मुंबई आतंकी हमले (Mumbai Terror Attack) का सरगना हाफिज सईद (Hafiz Saeed) इस गोलीबारी में घायल हो गया। उसे रावलपिंडी में सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अबू कताल लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सगंठन का अहम सदस्य था। उसे लश्कर चीफ हाफिज सईद का दायां हाथ भी कहा जाता था। कताल जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के रियासी आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था। इस हमले में 9 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 41 घायल हो गए थे। अबू कताल राजौरी हमले (Rajouri Attack) में भी शामिल था। 1 जनवरी 2023 को यहां अटैक हुआ था।
यह घटना झेलम इलाके में दीना पंजाब यूनिवर्सिटी के पास की है। आतंकी कताल(Abu Katal) का काफिला जीनत होटल के पास से गुजर रहा था कि तभी अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सूत्रों के मुताबिक, वह शनिवार रात अपना सुरक्षाकर्मियों के साथ झेलम इलाके में जा रहा था। इस दौरान लश्कर के आतंकियों और सादी वर्दी में पाकिस्तानी सेना(Pakistan) के सैनिकों ने उसे भारी सुरक्षा दी हुई थी। लेकिन घात लगाकर बैठे अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। हमले को किस तरह अंजाम दिया गया, यह तो साफ नहीं हो सका है लेकिन खबर है कि इस हमले के बाद से हाफिज सईद (Hafiz Saeed) भी घायल हुआ है और लापता हो गया है। माना जा रहा है कि खुद पर हमले के डर से वह अंडरग्राउंड हो गया है। दरअसल, मीडिया में कहीं कहीं ये खबर भी चल रही थी कि अबु कताल के साथ हाफिज सईद भी मारा गया मगर ऐसा नहीं है. हाफिज सईद अभी जिंदा है। गोलीबारी में घायल हाफिज का इलाज चल रहा है।
जम्मू कश्मीर में कई आतंकी हमलों को अंजाम देने के अलावा हाफिज सईद (Hafiz Saeed) मुंबई में हुए 26/11 हमले का भी मास्टरमाइंड है। मुंबई हमलों की पूरी साजिश हाफिज सईद ने ही रची थी। बताया जाता है कि वह हमलों के समय हमलावरों के संपर्क में ही था। इस हमले में 160 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। 2006 में मुंबई ट्रेन धमाकों में भी हाफिज सईद का हाथ रहा। 2001 में भारतीय संसद तक को सईद ने निशाना बनाया था। वो एनआईए की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। भारत के अलावा भी कई अन्य देशों ने हाफिज सईद को आतंकवादी घोषित किया है. हाफिज सईद और उसके संगठन पर अमेरिका ने इनाम भी घोषित किया है। मुंबई हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान (Pakistan) से उसे सौंपने को कहा था, लेकिन पाकिस्तान लगातार उसे आतंकी मानने से इनकार करता रहा है।
अबू कताल ने भी भारत में कई आतंकी घटनाओं के अंजाम दिया। भारत में कई आतंकी हमलों और साजिशों में अबू कताल का अहम हाथ रहता था। बीते साल 9 जून को शिवखोड़ी से रही बस जिसे तीर्थयात्री थी उस अबू कताल ने ही हमला करवाया था। इस हमले में कुल 10 लोगों की मौत हो गई थी। इतना ही नहीं राजौरी जिले के धंगरी गांव में आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकी हमले में भी उसका नाम सामने आया था। यहां पर एक बम धमाके में 7 लोगों की जान गई थी। अबु कताल ने पहली बार 2000 में जम्मू में घुसपैठ की थी। वह बड़े पैमाने पर संगठन में भर्ती करता था। अबू कताल जम्मू-कश्मीर में कई हमलों की योजना बनाने के लिए जाना जाता था और आतंकी संगठन का एक महत्वपूर्ण ऑपरेटिव था। कताल 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी सहयोगी था. वह भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था।