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शिमला में मस्जिद विवाद में सड़कों पर उतरे लोग, छावनी में बदला इलाका, मंत्री बोले-अवैध है मस्जिद

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में बनी अवैध मस्जिद से जुड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मस्जिद निर्माण के विरोध में उप नगर संजौली व चौड़ा मैदान में विभिन्न संगठनों के लोगों के साथ स्थानीय लोग भी सड़कों पर उतर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी मस्जिद को गिराने की मांग कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन के बाद ट्रैफिक जाम हो गया है। वाहनों की लगी कतारें लग गईं। कई एंबुलेंस भी फंस गईं। लोगों ने अवैध निर्माण गिराने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। शनिवार के एमसी कमिशनर कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे। फैसला न होने की स्थिति में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

सुख्खू के मंत्री ने सदन में दिया बड़ा बयान

वहीं मामले को लेकर मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी विधानसभा में बयान दिया है और अब गुरुवार को शिमला के चौड़ा मैदान में हिंदु संगठनों के लोग प्रदर्शन के लिए पहुंचे हैं। अनिरुद्ध सिंह ने बुधवार को सदन में जोर देकर कहा कि आंदोलन बिल्कुल सही हुआ है और वो इस आंदोलन की जिम्मेदारी लेते हैं। कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह सदन में बोल रहे थे तो विपक्षी दल भाजपा के सदस्यों ने कई बार मेज थपथपाई। अनिरुद्ध सिंह उस दौरान तीखे लहजे में दिखे। उन्होंने तो यहां तक कहा कि बाहर से आ रहे लोग माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने लव जिहाद की बात भी कही और साथ ही दावा किया कि बांग्लादेश से भी लोग आए हैं।

“अगर यह अवैध है तो इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी”

शिमला में संजौली मस्जिद के निर्माण पर हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लंबे समय से संजौली में मस्जिद बनाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां तक ढांचागत अवैधता का सवाल है, सरकार कार्रवाई कर रही है। चूंकि यह मामला शिमला नगर निगम आयुक्त के अधीन है, इसलिए यह विचाराधीन है और लंबे समय से वहां लंबित है। अगर यह अवैध है तो इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए अप्रवासी चिंता का विषय हैं। कुछ समुदाय बाहर से हिमाचल में आए हैं, खासकर उत्तर प्रदेश से और यहां कुछ कानून व्यवस्था की समस्याएं भी पैदा हुई हैं, लेकिन पुलिस उस पर कार्रवाई कर रही है।

मस्जिद निर्माण के बाद से बढ़ा विवाद

दरअसल, बीते शनिवार की शाम को समुदाय विशेष के लोगों ने एक स्थानीय व्यक्ति के साथ मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। मारपीट के बाद यह मामला तूल पकड़ने लगा और अब हिंदू संगठन व कई स्थानीय लोग इस मस्जिद को गिराने की मांग पर अड़ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यहां छोटी सी मस्जिद थी और केवल दो ही परिवार रहते थे, लेकिन कुछ सालों में काफी संख्या में बाहर से लोग आने लगे हैं। वहीं मस्जिद के इमाम का कहना है कि यह मस्जिद 1947 से पहले की है

Mukul Dwivedi
Author: Mukul Dwivedi

I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.

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