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Mahakumbh को लेकर PM मोदी बोले- पूरे विश्व ने देखा भारत का विराट स्वरूप, राष्ट्रीय चेतना के दर्शन हुए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को महाकुंभ (Mahakumbh) और भारत की सांस्कृतिक चेतना को लेकर लोकसभा को संबोधित किया। सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने महाकुंभ (Mahakumbh)  को देश की शक्ति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बताया। पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा- हम सब जानते हैं कि गंगा जी को धरती पर लाने के लिए बहुत प्रयास लगा था। वैसा ही महाप्रयास इस महाकुंभ के भव्य आयोजन में भी हमने देखा. मैंने लाल किले से ‘सबका प्रयास’ के महत्व पर जोर दिया था। पीएम मोदी ने कहा, “पूरे विश्व ने महाकुंभ के रूप में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। ये जनता जनार्दन का, जनता के संकल्पों के लिए और जनता की श्रद्धा से प्रेरित महाकुंभ था। महाकुंभ में हमने राष्ट्रीय चेतना के जागरण के विराट दर्शन किए हैं। ये राष्ट्रीय चेतना नए संकल्पों के सिद्धि के लिए प्रेरित करती है।”

अनेकता में एकता हमारी बहुत बड़ी ताकत है-PM मोदी

PM ने कहा कि महाकुंभ (Mahakumbh) पर सवाल उठाने वालों को जवाब मिला है। देश के कोने-कोने में आध्यात्मिक चेतना उभरी है। महाकुंभ (Mahakumbh) में राष्ट्रीय चेतना के दर्शन हुए और महाकुंभ के उत्साह-उमंग को महसूस किया। देश की सामूहिक चेतना का नतीजा महाकुंभ के दौरान देखने को मिला। युवा पीढ़ी भी पूरे भाव से महाकुंभ से जुड़ी। PM मोदी ने मॉरीशस यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के गंगा तालाब में त्रिवेणी का पवित्र जल डाला। अनेकता में एकता हमारी बहुत बड़ी ताकत है। इसी विशेषता को हम निरंतर समृद्ध करते रहें, ये हमारा दायित्व है। पीएम मोदी ने कहा यह दर्शाता है कि आज हमारी परंपराओं, संस्कृति और मूल्यों का जश्न मनाने की भावना कितनी मजबूत हो गई है। महाकुंभ से कई तरह के अमृत निकले हैं…एकता का अमृत। महाकुंभ एक ऐसा आयोजन था, जिसमें देश के हर क्षेत्र, हर कोने से लोग एक साथ आए।

महाकुंभ से अनेक अमृत निकले हैं -PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि महाकुंभ (Mahakumbh) से अनेक अमृत निकले हैं और एकता का अमृत इसका बहुत पवित्र प्रसाद है। इसमें देश के हर कोने से आए लोगों ने मैं नहीं बल्कि हम की भावना को अपनाया। इस आयोजन से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना और ज्यादा मजबूत हुई. उन्होंने कहा कि महाकुंभ में छोटे-बड़े का भेद मिट गया और सबने मिलकर भारतीय एकता की शक्ति को महसूस किया.

उन्होंने नदी उत्सव की परंपरा को आगे बढ़ाने की अपील की। आखिर में पीएम मोदी ने आयोजन से जुड़े सभी लोगों की सराहना करते हुए सदन की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश के श्रद्धालुओं, उत्तर प्रदेश की जनता और विशेषकर प्रयागराज की जनता का धन्यवाद करता हूं। जिस तरह से गंगा को लाने के लिए भगीरथ प्रयास हुआ था उसी तरह का महाप्रयास महाकुंभ (Mahakumbh) में दिखाई दिया। उनके भाषण के बाद विपक्ष ने हंगामा किया और अपनी बात रखने की मांग की।

 

Mukul Dwivedi
Author: Mukul Dwivedi

I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.

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