उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के बाद अब शांति है। पुलिस प्रशासन का पहरा जारी है। लेकिन इस बीच समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज संभल का दौरा करने का निर्णय लिया है। इस 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अगुआई विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे करेंगे। सपा के प्रतिनिधिमंडल में लाल बिहारी यादव भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान वहां पीड़ितों से सपा प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में सपा नेता माता प्रसाद पांडेय, लाल बिहार यादव के अलावा श्याम लाल पाल, हरेंद्र मलिक, रुचि वीरा, इकरा हसन, जियाउर्रहमान बर्क, नीरय मौर्य, कमाल अख्तर, रविदास मेहरोत्रा, नवाब इकबाल महमूद, पिंकी सिंह यादव, अली अंसारी, जयवीर सिंह यादव और शिवचरण कश्यप शामिल रहेंगे। फिलहाल प्रशासन ने किसी भी बाहरी शख्स के संभल आने पर रोक लगा रखी है। ये रोक 10 दिसंबर तक लागू रहेगी।
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) November 29, 2024
15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में 5 सांसद और 4 विधायक शामिल
सपा प्रतिनिधिमंडल के संभल जाने के ऐलान के बाद शनिवार सुबह लखनऊ में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के घर बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। सपा नेता माता प्रसाद पांडे ने घर के बाहर पुलिस की तैनाती को इमरजेंसी करार दिया है। वहीं, सपा ने दावा किया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल को घर में नजरबंद किया गया है। घर के बाहर फोर्स लगाने पर नाराज माता प्रसाद ने कहा- हम किसी को भड़काते नहीं हैं। बिना किसी नोटिस के उन्होंने मेरे घर पर पुलिस तैनात कर दी। मैं पार्टी कार्यालय जाऊंगा और तय करूंगा कि आगे क्या करना है। इस प्रतिनिधिमंडल में संभल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक नवाब इकबाल महमूद भी शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात ये कि संभल हिंसा में पुलिस की FIR में सांसद बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल का भी नाम है। यानी जिन पर हिंसा का आरोप है, वो ही हिंसा का सच पता लगाएंगे।
संभल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
संभल हिंसा लेकर प्रदेश में खूब सियासत भी हो रही है। हिंसा को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार प्रशासन पर सवाल उठा रही हैं, वहीं सत्तारुढ़ पार्टी बीजेपी सपा को हिंसा का कसूरवार मान रही है। बीजेपी नेता संगीत सोम संभल हिंसा के लिए समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। संभल में फिलहाल पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में है। शुक्रवार को शांति से जुमे की नमाज के बाद इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। जिले में बाहरी लोगों के आने की मनाही है, डीएम ने एक दिसंबर तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है। संभल में डीएम ने धारा-163 लागू कर दी है। यानी, अब 5 लोग बिना अनुमति के इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। इससे पहले, मुरादाबाद के कमिश्नर आंजनेय सिंह ने कहा है- माहौल अभी शांत है। जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग हमारी बात समझें। अभी न आएं। ऐसे में अब देखना यह है कि क्या समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को संभल में जाने की इजाजत मिलती है या नहीं। फिलहाल संभल जिले के डीएम ने साफ कर दिया है कि जिले में धारा 163 लागू है और जिले में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश बगैर अनुमति प्रतिबंधित है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












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