सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनावों से पहले मुफ्तखोरी/फ्रीबीज की घोषणा करने वाली सरकारों और राजनीतिक दलों पर कड़ी फटकार लगाई और कहा कि इससे लोग काम करने से हतोत्साहित हो रहे हैं और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में श्रम शक्ति सूख रही है। कोर्ट ने कहा, ‘लोग काम करना नहीं चाहते, क्योंकि आप उन्हें मुफ्त राशन दे रहे हैं। बिना कुछ किए उन्हें पैसे दे रहे हैं।’जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ड मसीह की बेंच ने बुधवार को पार्टियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावों के दौरान मुफ्त की स्कीमों की घोषणा किए जाने के कारण लोग काम करने से बच रहे हैं और देश के विकास में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
फ्री की रेवड़ियों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
- राष्ट्र के विकास में योगदान देकर उन्हें मुख्यधारा के समाज का हिस्सा बनाने के बजाय क्या हम परजीवियों का एक वर्ग नहीं बना रहे हैं?”
- दुर्भाग्य से, इन मुफ्त सुविधाओं की वजह से, जो चुनावों के ठीक पहले घोषित की जाती हैं… कोई लाडली बहना, कोई दूसरी योजना. इस वजह से लोग काम करने को तैयार नहीं हैं.
- उन्हें मुफ्त राशन मिल रहा है, उन्हें बिना काम किए ही कुछ राशि मिल रही है.
- क्या उन्हें मुख्यधारा के समाज का हिस्सा बनाना बेहतर नहीं होगा.
- उन्हें राष्ट्र के विकास में योगदान करने की अनुमति दी जानी चाहिए.
फ्रीबीज को लेकर सुप्रीम कोर्ट अपना चुका है सख्त रुख
दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब कोर्ट ने फ्रीबीज को लेकर सख्त टिप्पणी की है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 9 दिसंबर 2024 को केंद्र सरकार के मुफ्त राशन बांटने पर सख्त टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था- कब तक ऐसे मुफ्त राशन बांटा जाएगा। सरकार रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा कर रही? तब कोर्ट अकुशल मजदूरों को मुफ्त राशन कार्ड दिए जाने से संबंधित मामले पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान केंद्र ने अदालत को बताया था कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत 81 करोड़ लोगों को मुफ्त या रियायती राशन दिया जा रहा है। इतना ही नहीं इसके पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी टिप्पणी की थी। तब कोर्ट ने राज्यों की तरफ से दी जा रही मुफ्त की रेवड़ियों को लेकर बयान दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकारों के पास मुफ्त की योजनाओं के लिए पैसा है, लेकिन जजों की सैलरी और पेंशन के लिए पैसा नहीं है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












Users Today : 7
Views Today : 7