बुधवार को लोकसभा से पास होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल(Waqf Amendment Bill) पर दोपहर 1 बजे से चर्चा जारी है। इसे ”यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट” का नाम दिया गया है। लोकसभा में बिल के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े हैं। राज्यसभा के नंबर गेम को देखते हुए ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को पास कराने में ज्यादा मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक(Waqf Amendment Bill) पास होते ही इसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा…जैसे ही इसे राष्ट्रपति की मुहर मिलेगी…यह बिल कानून बन जाएगा और देश में वक्फ संपत्तियों पर लागू हो जाएगा। वक्फ विधेयक का उद्देश्य 1995 के अधिनियम में संशोधन करना है, जिसे आखिरी बार 2013 में संशोधित किया गया था। राज्यसभा में गुरुवार को कई सांसदों ने वक्फ बिल पर अपनी-अपनी राय रखी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने वक्फ बिल पर विपक्ष के रुख को लेकर निशाना साधा।
लोकतांत्रिक मानदंडों का पालन कर रही सरकार-जेपी नड्डा
वक्फ बिल पर राज्यसभा में बोलते हुए जेपी नड्डा ने कहा, वक्फ (संशोधन) विधेयक-2025(Waqf Amendment Bill) का मूल उद्देश्य रिफॉर्म्स लाकर वक्फ की प्रॉपर्टी का उचित मैनेजमेंट करना है। इस सदन के माध्यम से देश की जनता को बताना चाहता हूं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में चलने वाली सरकार पूरी तरह से डेमोक्रेटिक नॉर्म्स को फॉलो करके आगे बढ़ रही है। विपक्ष ने जेपीसी की मांग की थी और हमने इसका गठन किया। 2013 में जब वक्फ बिल(Waqf Amendment Bill) के लिए जेपीसी का गठन किया गया था, तब इसमें केवल 13 सदस्य थे। लेकिन मोदी सरकार के तहत गठित जेपीसी में 31 सदस्य हैं। जेपीसी ने 36 बैठकें कीं और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसकी गतिविधियों पर 200 घंटे से अधिक समय व्यतीत किया गया।
हम किसी की धार्मिक भावना को चोट पहुंचाने के लिए नहीं-किरेन रिजिजू
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद तैयार किए गए बिल (Waqf Amendment Bill) को जेपीसी के पास भेज दिया गया था। वक्फ को लेकर जेपीसी ने जितना काम किया, उतना काम किसी कमेटी ने नहीं किया। इससे पहले बुधवार देर रात तक चर्चा के बाद इस बिल को लोकसभा से पारित कर दिया गया। रिजिजू ने राज्यसभा में कहा- संशोधित बिल में मुसलमानों के धार्मिक क्रियाकलापों में किसी तरह का हस्तक्षेप कोई गैर मुस्लिम नहीं करेगा। हमने ट्रांसपैरेंसी, अकाउंटेबिलिटी, एक्यूरेसी पर केंद्रित बदलाव किए हैं। हम किसी की धार्मिक भावना को चोट पहुंचाने के लिए नहीं हैं। गरीब मुसलमानों को न्याय मिले, हमारा यही उद्देश्य है।
राधा मोहन दास अग्रवाल ने वक्फ बोर्ड की तुलना पुरानी फिल्मों के गुंडों से की
बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने वक्फ बिल(Waqf Amendment Bill) पर चर्चा के दौरान वक्फ बोर्ड की तुलना पुरानी फिल्मों के गुंडों से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से फिल्मों में गुंडे जिस औरत पर हाथ रख देते थे, वह उनकी हो जाती थी। उसी तरह से ये जिस जमीन पर हाथ रख देते थे, वह जमीन इनकी हो जाती थी। वक्फ बाई यूजर इनका बड़ा हथियार था। किसी की जमीन पर कुछ दिन नमाज क्या पढ़ ली, वक्फ बाई यूजर वो जमीन वक्फ बोर्ड की हो गई।
राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सुनाई प्रेमचंद की कहानी
वक्फ बिल पर चर्चा करते हुए राज्यसभा सांसद मनोज झा ने प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का जिक्र करते हुए कहा कि कोई बता सकता है कि दुकानदार हरखू था या हरेंद्र। आज कैसा माहौल है। हमें बचपन से मार्जिन छोड़ने की आदत हो गई है। इस देश के हिंदुओं को मुस्लिमों की, मुस्लिमों को हिंदुओं की आदत है। ये आदतें मत बदलवाइए। लखनऊ के एक मशहूर शायर थे, बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए। नेहरू से दोस्ती थी, वापस चले आए। लोगों ने पूछा तो कहा कि वहां बहुत मुसलमान थे, मिलाजुला देखने की आदत है। लोकतंत्र में सौगात और तोहफा नहीं होते। कल गृह मंत्री को सुन रहा था। बहुत अच्छे से वक्फ का मतलब बता रहे थे। कुछ तो समान है तैयारी के मामले में। आप पहली बार सुधार नहीं कर रहे हैं, सुधार आगे भी होंगे। बाबा साहब को कोट करते हुए कहा कि आज आइसोलेशन और एक्सक्लूजन, दोनों चीजें बहुतायात में हैं। ये उचित नहीं है।
Author: Mukul Dwivedi
I graduated From the University of Allahabad and PG diploma in Mass communication From Government Polytechnic Lucknow. After study worked with Bharat samachar as Trainee Producer. Currently I am working With Ekal Bharat as a Producer.












Users Today : 1
Views Today : 1